1960 में कड़ाके की सर्दी के बीच बद्रीनाथ धाम में पाँच दिन

3 years ago

(यह संस्मरण मेरे दादाजी (स्व. मथुरादत्त शर्मा), दादी (स्व. माधवी देवी), और परदादी, जिन्हें अम्मा कहा गया है, (स्व. दुर्गा…

खूबसूरत वादियों, मोहिले जन और विचित्र कथाओं का वृतांत

3 years ago

करीब छह-सात वर्ष पहले जब कुमाऊं मंडल विकास निगम का बेहतरीन प्रकाशन ‘थ्रोन ऑफ गॉड्स’ (धीरज सिंह गर्ब्याल और अशोक…

लोक देवता के लिए रास्ता मांगने सड़कों पर उतरे सोर घाटी के ग्रामीण

3 years ago

बीते दिन सोर घाटी के 22 गावों के लोग सड़कों पर थे. हाथों में निशान लिये ढोल दमाऊ के साथ…

गोल्ड मैडल जीतने वाली मानसी नेगी का दर्द

3 years ago

इसमें शायद ही दोराय हो कि पहाड़ का कठोर जीवन पहाड़ के बच्चों को शारीरिक तौर पर मैदानी बच्चों से…

पानी की मांग कर रहे लोगों पर मुकदमा कमजोर समाज की नियति

3 years ago

बेरीनाग में पानी के लिए प्रदर्शन कर रहीं चालीस महिलाओं समेत 70 लोगों पर मुकदमा दर्ज. धारचूला के आपदा पीड़ितों…

फूलदेई के बहाने डांड्यौं कांठ्यूं का मुलुक…

3 years ago

गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी ऐसे चितेरे कवि-गायक हैं जो अपने गीतों में लोकजीवन, लोक-संस्कृति के साथ कुदरत का समूचा चित्र…

राजी जनजीवन की झलक दिखाता एक बेहतरीन उपन्यास

3 years ago

‘काली वार काली पार’ पुस्तक के लेखक शोभाराम शर्मा की एक दो कृतियां बहुत पहले पढ़ी थी, जिनमें उनके जनप्रतिबद्ध…

‘रमोलिया हाउस’ हमारी नई शुरुआत

3 years ago

लोकपर्व फूलदेई के मौके पर 'काफल ट्री' अपने निर्माणाधीन 'सांस्कृतिक केंद्र' के नाम की घोषणा कर रहा है. हल्द्वानी में…

फूलदेई: बाजार की मार से हांफता त्यौहार

3 years ago

बात ज्यादा पुरानी भी नहीं है. उत्तराखण्ड के पहाड़ की तलहटी पर कुछ बसावटें कस्बे के सांचे में ढल रही…

कहानी : कैकेयी कंडक्टर और ‘बस-हो-चली-बुढ़िया’

3 years ago

(प्रकृति करगेती की यह कहानी उनके कहानी संग्रह ‘ठहरे हुए से लोग’ में शामिल है. कहानी संग्रह को अमेजन से…