चटोरे जवाईं की लोककथा

8 years ago

मुझे अक्सर अपने दादा, दादी, चाचियाँ, माँ बहुत याद आते हैं. आप कहेंगे इसमें नई बात क्या है. अपनी जिंदगी…

मुठ्ठी भर कंचे

8 years ago

तब गाँव क्या था, श्याम-श्वेत सिनेमा के दौर का सा गाँव लगता था. चौतरफा खेत-ही-खेत थे, गन्ने-सरसों की फसलों से…

इतने विशाल हिंदी समाज में सिर्फ डेढ़ यार : दसवीं किस्त

8 years ago

हमारे ब्रह्माण्ड की पहली भारतीय कहानी ( एक विदेशी का लिखा हिन्दू लोक-मिथकों का इतिहास : 'क' ) सृष्टि के…

नैनीताल के तीन नौजवानों की फाकामस्त विश्वयात्रा – 11 (अंतिम क़िस्त)

8 years ago

रात में नींद अच्छी आयी. सुबह 7 बजे हमने अपना कंधार का टिकट लिया. बस बड़ी आरामदेह थी. छोटे-छोटे गांवों…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 21

8 years ago

पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से…

बिजट मंदिर : एक फोटो निबंध

8 years ago

लगभग शाम का 6 बज गया था जब मैं हिमांचल प्रदेश में चूड़धार का ट्रेक करके बिजट महाराज के मंदिर…

अंतर देस इ उर्फ़… शेष कुशल है! भाग – 6

8 years ago

गुडी गुडी डेज़ अमित श्रीवास्तव बॉबी चचा के जज़्बात @ मौक़ा-ए-वारदात गुडी गुडी मुहल्ले में एक पुलिस थाना खुला और…

हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने : 30

8 years ago

बाबा नीम करोली महाराज को लेकर भी श्रद्धालुओं में अगाध श्रद्धा रही है अपने बचपन को याद करते हुए डॉ.…

नैनीताल के तीन नौजवानों की फाकामस्त विश्वयात्रा – 10

8 years ago

सांयकाल के लगभग हम टर्की की सीमा पर पहुंचे. सीमा पर यात्रियों की भीड़ लगी हुई थी. रात के 10…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 20

8 years ago

पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से…