हाथ पर हाथ पसारे अब कभाड़ बाज़ार भी सिमटा हफ्ते में दो दिन का काम बचा अलसा लो भाई ,सुस्ती…
कठपतिया के बारे में बचपन से सुनते आया था, कुछ दिन पूर्व इसी पोर्टल पर प्रख्यात कथाकार बटरोही जी के…
ब्रह्मपुर चौथी व छठी-सातवीं शताब्दी के मध्य में उत्तराखण्ड के पर्वतीय राज्य की राजधानी हुआ करती थी. इतिहासकारों के अनुसार…
सीमांत जिला कहे जाने वाले पिथौरागढ़ में प्रतिभाओं का भंडार है. बाक्सिंग, फुटबाल, बास्केटबाल, क्रिकेट सभी खेलों में यहां के…
कायनात की तमाम साज़िशों के बावजूद गणित'ज्ञ' नहीं हो सके हम. 'क' पर ही निपट लिया मामला. उतनी ही गणित…
अतीत की स्मृतियों में अभी भी ताजा है वो सब-- मेरी उम्र की पूरी जमात हंसी-खुशी स्कूल जाती थी, टाट…
आज चौराहों पर बडी हलचल है. पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और उनके सहयोगी होमगार्ड वाले मुस्तैदी से तैनात हैं. ऐसा नहीं…
मसूरी पहला हिल स्टेशन था, जहां स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था की गई. वेल्स बंदोबस्त के बाद सन् 1842 के नियम…
जहाँ न बस्ता कंधा तोड़े, ऐसा हो स्कूल हमाराजहाँ न पटरी माथा फोड़े, ऐसा हो स्कूल हमारा जहाँ न अक्षर…
इस बात से सभी इत्तेफाक रखते हैं कि आज के दिन अगर कोई अपना बच्चा सरकारी स्कूल में पढ़ा रहा…