शिक्षा जगत का बैल और खेतों का विद्यार्थी उर्फ़ भैया जी

6 years ago

हम सब उम्र के उस दौर में थे जिसे वय:संधि कहते हैं और जिसके वर्णन के बहाने पुराने कवियों ने…

ओएशडी सैप कह लो चाहे निजी शचिव कह लो – नीश हर जगह होने वाले हुए उत्राखंड में

6 years ago

उसने अपनी फुलौड़ी नाक को ज़रा सा टेढ़ीयाया और बोला- 'वरफ़ारी हो रई वरफ़ारी' (Personal Secretaries of Modern Politicians Satire)…

फूल बन कर खिलने वाली पर्वतपुत्री है फ्यूंली

6 years ago

गढ़वाल में चैत के महीने में गाए जाने वाले लोकगीत चैती कहलाते हैं. अधिकतर लोकगीतों का वर्ण्य विषय लोकगाथाएँ होती…

महाराष्ट्र के राजभवन में उत्तराखंड का लोक पर्व फूलदेई

6 years ago

इस बार हिमालयी फूलदेई पर्व की धूम समुद्र के तट पर भी खूब रही. इस वर्ष महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत…

द्वार पूजा का पर्व भी है फूलदेई

6 years ago

उत्तराखण्डियों का बालपर्व - फूलदेई सनातनी संस्कृति में घर का द्वार केवल घर में प्रवेश करने का रास्ता न होकर…

बसंत के इस्तकबाल का त्यौहार है फूलदेई

6 years ago

ऋतुराज बसंत का स्वागत उत्तराखण्ड को देवभूमि के साथ उत्सवों की भी भूमि कहा जाय तो गलत नहीं होगा. यहाँ…

फुलदेई : बसंत-पुजारी पहाड़ी बच्चों की आस का पर्व

6 years ago

बसंत पंचमी से प्रारम्भ बसंत मैदानी क्षेत्र में होली के साथ विदा ले लेता है पर पहाड़ में ये बैसाखी…

फूलदेई छम्मा देई दैण द्वार भरी भकार

6 years ago

मनुष्य का जीवन प्रकृति के साथ अत्यंत निकटता से जुड़ा है. पहाड़ के उच्च शिखर, पेड़-पौंधे, फूल-पत्तियां, नदी-नाले और जंगल…

कल है फूलदेई का त्यौहार

6 years ago

फूलदेई, छम्मा देई,दैंणी द्वार, भर भकार,य देई में हो, खुशी अपार,जुतक देला, उतुक पाला,य देई कैं, बारम्बार नमस्कार.फूलदेई, छम्मा देई.…

पहाड़ की होली में आज भी परंपरागत सुगंध महसूस की जा सकती है

6 years ago

होली जीवन के रंगों से जुड़ा, राग-लय और जीवन के उत्साह का त्योहार है. मुसलसल सर्द महीनों के दौरान प्रकृति…