इस बार हिमालयी फूलदेई पर्व की धूम समुद्र के तट पर भी खूब रही. इस वर्ष महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के सहयोग से “रंगोली आंदोलन” से जुड़े मराठी समाज के लोगों व बच्चों द्वारा राजभवन मुम्बई में भी फूलदेई पर्व धूम-धाम से मनाया गया. Phooldei in Maharashtra
बच्चों की टोली हाथों में फूलों की टोकरी लेकर सुबह 9 बजे राजभवन पहुंची. जहां उन्होंने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की मौजूदगी में महाराष्ट्र राजभवन की देहरी पर, फूल-फूलमाई दाल दे चौंल दे खूब खूब खज्जा… गाते हुए पुष्प वर्षा की.
इस बीच “रंगोली आंदोलन एक रचनात्मक मुहिम” की ओर से राज्यपाल को समौण में एक पुष्प वृक्ष व एक फल वृक्ष भेंट किए गए. जिन्हें राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राजभवन में बच्चों के समक्ष ही रोपित भी किया.
रंगोली आंदोलन के संरक्षक शशि भूषण मैठाणी ने बताया कि अब प्रत्येक वर्ष फूलदेई के इस शुभ मौके पर पर्यावरण संरक्षण की मुहिम भी चलाई जाएगी जिसका शुभारंभ उत्तराखंड में मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र में राज्यपाल के हाथों करवाया गया है. Phooldei in Maharashtra
मुम्बई में फूलदेई टोली में शामिल बच्चों ने नवीं मुम्बई के भिन्न-भिन्न घरों में भी जाकर फूल बरसाए. फूलों के इस पर्व को लेकर मराठी समाज के लोगों में भी खासा उत्साह देखने को मिला.
मुम्बई में समाजसेवी हितेश ओझा एवं आर. श्वेताल गीतांजलि के मार्गदर्शन में बच्चों की टोली राजभवन के अलावा अन्य क्षेत्रों में गए. इस मौके पर बच्चों को हिमालयी परम्परानुसार महाराष्ट्र के राज्यपाल व स्थानीय लोगों ने खूब उपहार भी भेंट करे. जिसे पाकर बच्चे भी बेहद उत्साहित नजर आए और उन्होंने अब हर साल पहाड़ की फूलदेई को मनाने का संकल्प भी लिया. Phooldei in Maharashtra
-ध्रुव रौतेला
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वरिष्ठ पत्रकार ध्रुव रौतेला देश के कई नामी मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं.
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