बर्बर इतिहास का नाम क्यों ढो रहा है ‘खूनीबढ़’

2 weeks ago

कोटद्वार में बाबा की दुकान का नाम बदले जाने और बजरंग दल से भिड़ने वाले मोहम्मद दीपक के मामले ने…

कौन थे पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा ‘लकुलीश’?

2 weeks ago

पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा भगवान लकुलीश को भारतीय शैव परंपरा के विकास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यक्तित्व माना जाता है.…

कैसे अस्तित्व में आया नारायण आश्रम और कौन थे नारायण स्वामी?

2 weeks ago

नारायण आश्रम उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में धारचूला से ऊपर, ऊँचे पहाड़ों और गहरी घाटियों के बीच स्थित है. आज…

घमंडी पिता और उसकी सीख

2 weeks ago

हिमालय की ऊँची पहाड़ियों के बीच एक छोटा-सा गाँव था. पत्थर के घर, देवदार के जंगल और पास ही बहती…

उत्तराखंड के पेड़-पौधे: लोकज्ञान और औषधीय सत्य

2 weeks ago

कहा जाता है कि एक बार हिमालय में एक वैद्य गुरु अपने शिष्यों की शिक्षा पूरी होने पर अंतिम परीक्षा…

सामाजिक उत्पीड़न को सम्पूर्णता में व्यक्त करते हैं ‘जागर गीत’

2 weeks ago

सामाजिक उत्पीड़न कुमाऊँ के लोकगीतों में अनेक प्रकार से उभरा है. इन गीतों का कोई अंग यदि इस उत्पीड़न को…

क्या चंद शासकों से पहले अल्मोड़ा में नंदादेवी का कोई मंदिर था?

2 weeks ago

परंपरा और इतिहास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण यह लेख पल्टन बाज़ार, अल्मोड़ा प्रभात कुमार साह गंगोला जी द्वारा 2011 में लिखा गया है. श्री…

‘काल्द’ यानी भैरव पहली बार कैसे प्रकट हुए?

2 weeks ago

इस कहानी को विलियम एस. सैक्स की पुस्तक God of Justice से लिया गया है. यह पुस्तक गढ़वाल और मध्य हिमालय क्षेत्र…

कैसा था नंदा देवी में गायब हुआ परमाणु डिवाइस?

2 weeks ago

नंदा देवी में गायब हुआ परमाणु डिवाइस बीसवीं शताब्दी के शीत युद्ध काल की एक गंभीर और गोपनीय घटना से…

उपकोशा और उसके वर

2 weeks ago

यह कथा कथासरित्सागर से ली गई है—एक प्राचीन कश्मीरी कथा-संग्रह, जिसकी परंपरा पंचतंत्र और हितोपदेश जैसी है. कथासरित्सागर स्वयं कई…