जिनके बिना अधूरा है पिथौरागढ़ में ‘टकाना की रामलीला’ इतिहास

5 years ago

टकाना रामलीला का प्रारम्भ से अब तक का सफर व मंचन बहुत ही सुन्दर, सराहनीय और लोकप्रिय रहा है. हमेशा…

कुमाऊं की रामलीला पर ‘गिर्दा’ का एक महत्वपूर्ण लेख

5 years ago

कुमाऊॅं (उत्तराखण्ड) में प्रचलित रामलीला सम्भवतः संसार का एक मात्र ऐसा गीत नाट्य है जो ग्यारह दिनों तक लगातार क्रमशः…

दुश्मनों को धूल चटाने वाली बाबर की नानी ‘ईसान दौलत खानम’

5 years ago

बात 1470 के आस-पास की है, दश्त-ए-किप्चाक (तुर्किस्तान) में राजनीतिक उथल-पुथल चल रही थी. हाल ही में दश्त-ए-किप्चाक ने अपना…

सोर घाटी के बाशिंदों का सबसे पसंदीदा डॉक्टर

5 years ago

लंबी सधी हुयी ऊँगलियों के बीच चाईनीज इंक पेन से सादे सफेद पर्चे में मरीज को समझता और समझाता एक…

लोककथा : मेंढक राजकुमार

5 years ago

ऊँचे पहाड़ों की चोटी पर एक गरीब दम्पत्ति रहते थे. अपने ढलवां खेतों पर फसल बोकर वे किसी तरह गुजारा…

वाइल्डलाइफ आर्ट गैलरी में दिखेगा समूचा कॉर्बेट पार्क

5 years ago

दीप रजवार देश के चर्चित वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर्स में से हैं. 10 सालों से जिम कॉर्बेट पार्क की जैव विविधता को…

‘रिक्त स्थान और अन्य कविताएँ’ की समीक्षा: लक्ष्मण सिंह बिष्ट ‘बटरोही’

5 years ago

कवि के साथ बातचीत का सलीका शिवप्रसाद जोशी के संग्रह ‘रिक्त स्थान और अन्य कविताएँ’ पढ़ने के बाद इस लेख…

पहाड़ में परंपरागत भूमि प्रबंध और कर प्रणाली का सम्पूर्ण इतिहास

5 years ago

उत्तराखंड में भूमि प्रबंधन व राज्य को चलाने के लिए आगम के प्रमाण कत्यूरी राजाओं के समय से मिलते हैं.…

उत्तराखण्ड की लोककथा : अजुआ बफौल

5 years ago

जमाने पुरानी बात है. पंच देवता का मन हुआ कि हिमालय की यात्रा की जाये. सो पंचदेव पर्वतराज हिमालय की…

उत्तराखण्ड की लोककथा : गाय, बछड़ा और बाघ

5 years ago

एक गांव में गाय अपने बछड़े के साथ रहती थी. बछड़े को घर छोड़ गाय रोज हरी घास चरने जंगल…