बूढ़े पहाड़ों के बीमार अस्पताल

5 years ago

इस वर्ष के केंद्रीय बजट में ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने पर भी काफी ज़ोर दिया गया है.…

गौर्दा की कुमाऊनी कविता ‘झन दिया कुल्ली बेगार’

5 years ago

मुल्क कुमाऊँ का सुणि लिया यारो,झन दिया कुल्ली बेगार.चाहे पड़ी जा डंडै की मार,झेल हुणी लै होवौ तय्यार. तीन दिन…

मनोहर श्याम जोशी के उपन्यास ‘क्याप’ से मूली फसल

5 years ago

बाहर वालों को हमारी उस किस्म की गप्पें भी पसंद आयीं, जिनमें हम ऐसा जताते थे मानों गिनीज बुक आफ…

खट्टी चटनी जैसी माँ

5 years ago

खट्टी चटनी जैसी माँ बेसन की सोंधी रोटी परखट्टी चटनी जैसी माँ याद आती है चौका-बासनचिमटा फुकनी जैसी माँ बाँस…

क़ीमती सलाह : कुमाऊनी लोककथा

5 years ago

एक अमीर आदमी के दो बेटे थे, जब वे बड़े हुए तब उसने दोनों को अपना व्यापार शुरू करने के…

खोल दो: सआदत हसन मंटो की कहानी

5 years ago

अमृतसर से स्पेशल ट्रेन दोपहर दो बजे चली और आठ घंटों के बाद मुगलपुरा पहुंची. रास्ते में कई आदमी मारे…

अद्भुत है शैलेश मटियानी की कहानी ‘दो दुखों का एक सुख’

5 years ago

'साधो, करमगती किन टारी...' - मिरदुला कानी, सीढ़ी के पथरौटे पर बैठी, मंजीरा कुटफुटा रही थी - 'कोस अनेक बिकट…

बुर्क़े : सआदत हसन मंटो की कहानी

5 years ago

ज़हीर जब थर्ड ईयर में दाख़िल हुआ तो उस ने महसूस किया कि उसे इश्क़ हो गया है... और इश्क़…

शराब, शिकार और नोट वाला वोट मैनेजमेंट

5 years ago

कहते हैं चुनावों के समय आखिरी समय जिसका मैनेजमेंट सबसे अच्छा होता है वही जीतता है. भारतीय चुनाव में ‘मैनेजमेंट’…

विकास का असमंजस, हरियाली की फिक्र

5 years ago

हरियाली को बनाए-बचाने की चिंता और साफ हवा में सांस लेने लायक का वायु मण्डल बनाने की कोशिश के संकेत…