गुन्दरू आज भी घर की देली पर खड़ा है : लोककथा

4 years ago

एक बार गाँव के थोकदार जी ने अपने शहर जाते चौदह साल के बच्चे गुन्दरू को वापस  आते समय अच्छा…

गुरूजी और जोंक

4 years ago

बीसवीं शताब्दी के पहले साल में अपर गढ़वाल में आधुनिक शिक्षा की अलख जगाने वाले इसी ख्याति प्राप्त विद्यालय में…

बुद्ध ने आनंद को वेश्या के पास क्यों जाने दिया

4 years ago

बुद्ध की शरण में दीक्षा ले रहे भिक्षुओं को कई नियमों का पालन करना पड़ता था. वे किसी के भी…

छिपलाकोट अंतरकथा : जिंदगानी के सफर में, हम भी तेरे हमसफ़र हैं

4 years ago

चीना रेंज में घने जंगल के बीच में रांची बिल्कुल सुनसान जगह में था जहां फारेस्ट क्वाटर थे. हमारा घर…

शराब पीने में उत्तराखंड के पुरुष अव्वल

4 years ago

किसने सोचा था कि एक दिन उत्तराखंड की ऐसी गत होगी. कम से कम अलग राज्य के लिये अपनी जान…

कोतवाल के हुक्के की एफआईआर

4 years ago

“देख शेखू ये बात कुछ ठीक नहीं लग रई!” कार्यक्रम शुरु हुए आधा घण्टा हुआ था और मुझे शेखू दुबे…

उत्तराखंड के वीर कफ्फू चौहान की गाथा

4 years ago

उदयपुर परगने की जुवा पट्टी में गंगा नदी के किनारे एक ऊँचे टीले पर 'उपुगढ़' स्थित था. उसका शासक उन…

केदारनाथ में पहले 4 दिन में 80000 श्रद्धालु

4 years ago

इस वर्ष केदारनाथ यात्रा के लिये भक्तों की भीड़ अन्य वर्षों की तुलना में बहुत अधिक बढ़ गयी है. पहले…

कफल्टा हत्याकांड को याद किया जाना आज भी क्यों जरूरी है

4 years ago

https://www.youtube.com/embed/yYb0SMF1FIw जब कभी कफल्टा हत्याकांड 1980 की बात होती है तो ठीक-ठाक बुद्धिजीवियों का भी यह मत होता है कि…

आठवीं का बोर्ड, चेलपार्क और हरित क्रांति

4 years ago

जिस बोर्ड परीक्षा का हव्वा बना कर, सामान्यतया बच्चों को हाईस्कूल में डराया जाता है वो हमारे हिस्से आठवीं में…