हैडलाइन्स

नये मुख्यमंत्री की ताजपोशी से पहले ही बगावत

उत्तराखंड में चुने गये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के शपथ लेने से पहले ही पार्टी के भीतर बगावत की खबरें आने लगी हैं. सूत्रों के हवाले से खबरें आ रही हैं कि हरक सिंह रावत और सतपाल महाराज दिल्ली में 35 विधायकों के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह के सम्पर्क में हैं.
(Uttarakhand BJP Divided on New CM)

जहां सतपाल महाराज पहले से ही दिल्ली में थे वहीं अब खबर आ रही है कि हरक सिंह रावत भी दिल्ली में ही हैं. सूत्रों की मानें तो दोनों नेताओं से भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने सहयोग करने को कहा है. बताया जा रहा है कि सतपाल महाराज के साथ 35 ऐसे विधायक हैं जो इस्तीफा देने को तैयार हैं.

युवा मुख्यमंत्री के अंदर काम करने में कई वरिष्ठ नेता असहज महसूस कर रहे हैं. असहज महसूस करने वाले इन नेताओं ने अभी तक पुष्कर सिंह धामी की ताजपोशी के कार्यक्रम से पर्याप्त दूरी बना कर रखी है. इन नेताओं में जहां अधिकांश कांग्रेस से भाजपा में शामिल नेता हैं तो वहीं कुछ भाजपा के वरिष्ठ नेता भी हैं.
(Uttarakhand BJP Divided on New CM)

दूसरी तरफ पुष्कर सिंह धामी लगातार पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क में हैं. पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और तीरथ सिंह रावत दोनों से ही पुष्कर सिंह धामी ने मुलाक़ात कर आर्शीवाद लिया. शाम को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के बाद ही अब इन अटकलों पर विराम लगेगा. शाम को देखा जाएगा युवा मुख्यमंत्री की कैबिनेट में किन नेताओं को स्थान दिया जाता है.
(Uttarakhand BJP Divided on New CM)

काफल ट्री डेस्क

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें : Kafal Tree Online

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा

कुमाऊँ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल भगवान कृष्ण के जन्म का धार्मिक पर्व नहीं रही है,…

1 week ago

बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार

पिछली कड़ी : पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल इन्द्र…

1 week ago

आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”

पूरी तरह आंचलिक परिवेश में तैयार, "टुकड़ा टुकड़ा जिंदगी" वरिष्ठ इतिहासकार डॉ निर्मल जोशी की नव प्रकाशित…

1 week ago

भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्

ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व…

1 week ago

उत्तराखण्ड के सरोवर

उत्तराखण्ड को सामान्यतः हिमालय, नदियों, झरनों और जलधाराओं की भूमि के रूप में जाना जाता है. किंतु…

1 week ago

दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध

पिछले 3 सालों से अल्मोड़ा के कुछ जागरूक युवा अल्मोड़ा मानसून मैराथन का आयोजन कर रहे हैं,जिसमें…

2 weeks ago