साभार अमर उजाला फोटो
करनवीर कौशल ने विजय हजारे ट्रॉफी में दोहरा शतक लगा कर उत्तराखंड ही नही भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा के एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम करलिया है. वह विजय ट्रॉफी के इतिहास में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज बन गए. यह कारनामा सिक्किम के खिलाफ किया. वह भारत के लिस्ट ए टूर्नामेंट में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले क्रिकेटर हैं.
कौशन ने अपना अर्धशतक 38 गेंदों में पूरा किया. इसके बाद अगली 32 गेंदों में उन्होंने अपना शतक पूरा किया. अपनी 135 गेंदों की पारी में उन्होंने 18 चौके और 9 छक्के जड़े. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 150 से ज्यादा का था. उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया है. विजय हजारे ट्रॉफी में करनवीर कौशल बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं. उन्होंने 7 मैचों में अब तक 467 रन ठोंके हैं.
उत्तराखंड के सलामी बल्लेबाज करनवीर कौशल के दोहरे शतक से उत्तराखंड टीम ने सिक्किम को 199 रनों से करारी शिकस्त दी हैं. इसी के साथ ही करणवीर कौशल के रिकॉर्ड दोहरे शतक की बदौलत उत्तराखंड ने विजय हजारे ट्रॉफी में जीत का छक्का लगा दिया है. पहला दोहरा शतक जड़कर विजय हजारे ट्रॉफी में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने का आंजिक्य रहाणे का रिकॉर्ड भी कौशल ने तोड़ दिया. रहाणे ने मुंबई की ओर से खेलते हुए महाराष्ट्र के खिलाफ साल 2017-18 में 187 रन की पारी खेली थी.
50 ओवर में सिर्फ दो विकेट के नुकसान पर टीम उत्तराखंड ने 366 रनों का विशाल टारगेट खड़ा किया है. करनवीर और विनीत के बीच कुल मिलाकर 296 रनों की पार्टनरशिप हुई है. उत्तराखंड के गेंदबाजों के आगे सिक्किम की टीम 367 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआती झटकों से उबर नहीं सकी. सिक्किम की पूरी टीम 50 ओवर में छह विकेट गंवाकर 167 रन ही बना सकी. उत्तराखंड की ओर से दीपक धपोला ने तीन, वीआर जेठी ने दो और मयंक मिश्रा ने एक विकेट झटका.
लेकिन पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने उतरी टीम उत्तराखंड पहले ही मैच में लड़खड़ा गई थी. बिहार के खिलाफ उत्तराखंड को पहले मैच में 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. उत्तराखंड के न तो बल्लेबाज ही चल सके और न ही गेंदबाज असरदार दिखे थे.लेकिन उसके बाद उत्तराखंड ने गजब का खेल दिखाया है.
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