Humour

पहाड़ की बेकरियों में बनने वाला फैन पूरे देश को एक बनाता है

भारत में फैन की मूल डिजाइनिंग इस तरह की गयी है कि कांच के नन्हे गिलास के साथ उसका ज्यामितीय…

5 years ago

इतनी कोफ़्त होने से आदमी कोफ्ता हो जाता है

थोथा देई उड़ाय-2 मुझे इस बात की भी कोफ़्त है खुद से, कि आज तक मेरा कलियुगी महासंस्कार नहीं हुआ.…

5 years ago

मैं ही मैं हूँ, मैं ही सूर्य हूँ, मैं ही मनु…

कॉलेज के दिन थे. रंगीन रुमाल मे इत्र के फाहे रखने की उम्र थी. तो दूसरी तरफ परंपरा-विद्रोह की अवस्था.…

6 years ago

लिखता हूँ ख़त खून से स्याही न समझना

ख़तो-किताबत -शंभू राणा क़ासिद के आते-आते ख़त एक और लिख रखूं, मैं जानता हूँ, जो वो लिखेंगे जवाब में ख़तो-किताबत…

6 years ago

गुर्जी अगर सँभलोगे नहीं तो ऐसे गिर पड़ोगे – हलवाहे राम और लेक्चरार साब की नशीली दास्तान

दोनों में अटूट दोस्ती थी. कुछ ऐसी कि, लंबे समय तक इस दोस्ती ने खूब सुर्खियाँ बटोरी. दोनों के घर…

6 years ago

सूरज की मिस्ड काल – 9

उजाले के कमांडो आज सुबह जरा जल्दी जग गये. जल्दी मतलब पांच बजे. इत्ता जल्दी जगने पर समझ नहीं आया…

6 years ago

सूरज की मिस्ड काल – 8

धूप का चौकोर टुकड़ा सुबह का समय है. कमरे के बाहर बरामदे में धूप का चौकोर टुकड़ा अससाया सा लेटा…

6 years ago

सिटौला और घुघुता

वैसे तो ऊपर के चित्र में दिख रही चिड़ियां कुमाऊँ में बहुतायत से पाई जाती हैं और इनके कॉटेज मैना…

6 years ago

यूपी के दो दोस्तों की चिठ्ठियाँ

प्रमुख रूप से चिंता का वि‍षय निश्‍चित रूप से गधा चिंतन ही है -राहुल पाण्डेय प्रिय मिरगेंदर, तुमने अपनी चिट्ठी…

6 years ago

बज्जर किस्म के शिकायती भाई साहब !

भाई साहब से मेरी जान-पहचान इनके बचपन से है. जैसे किसी व्यक्ति के भीतर प्रेम, करुणा तथा दया अथवा झूठ,…

6 years ago