प्रो. मृगेश पाण्डे

जोहार घाटी की जीवनदायिनी जड़ी-बूटियां और खुशबूदार मसालेजोहार घाटी की जीवनदायिनी जड़ी-बूटियां और खुशबूदार मसाले

जोहार घाटी की जीवनदायिनी जड़ी-बूटियां और खुशबूदार मसाले

गोरी गंगा नदी पर बसी नयनाभिराम घाटी है जोहार की उपत्यका. जो घिरी है पंचचूली, राजखंबा, हंसलिंग और छिपलाकेदार पर्वत…

4 years ago
1930 के दशक में पिथौरागढ़ में पहला रेडियो लाने वाले धनी लाल1930 के दशक में पिथौरागढ़ में पहला रेडियो लाने वाले धनी लाल

1930 के दशक में पिथौरागढ़ में पहला रेडियो लाने वाले धनी लाल

1930 के दशक में पिथौरागढ़ जैसे दूरस्थ कस्बे में पहला रेडियो लाए धनीलाल और फिर दिखाया सोर वासियों को सिनेमा.…

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एबट माउंट में ख़ब्बीस से इक मुलाक़ातएबट माउंट में ख़ब्बीस से इक मुलाक़ात

एबट माउंट में ख़ब्बीस से इक मुलाक़ात

जी हाँ, ये मुलाक़ात सच्ची है महज़ किस्सागोई नहीं. ख़ब्बीस के मुलाकाती हैं पोलिटिकल साइंस में डी. लिट, दुबले पतले,…

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पहाड़ में सैणियों का प्रिय कमर का पट्टापहाड़ में सैणियों का प्रिय कमर का पट्टा

पहाड़ में सैणियों का प्रिय कमर का पट्टा

"नतिया, तु पूछण लाग रोछे यो सैणी कमर में के बांधनी?किले जे बांधनी? त यो भै भाऊ पट्ट, कमर में…

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नजर लगने से बचाने के लिये आमा-बूबू के टोने टोटकेनजर लगने से बचाने के लिये आमा-बूबू के टोने टोटके

नजर लगने से बचाने के लिये आमा-बूबू के टोने टोटके

जिसने मेरे लाल को नजर लगायी उसकी आँखें जल कर छार हो जाईं. रसोई में जलती बांज कुकाट की लकड़ियों…

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हेमंत ऋतु में पहाड़हेमंत ऋतु में पहाड़

हेमंत ऋतु में पहाड़

चातुर्मास से आरम्भ खेती के काम रवि की फसल बो लेने के बाद ढीले पड़ जाने वाले हुए. चातुर मास…

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हवाई पट्टी फैलेगी खेत सिमटेंगे अभयारण्य सिकुड़ेगा

राजाजी नेशनल पार्क के समीपवर्ती "थानो वन" अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है. ऋषिकेश से ऊपर चढ़ें…

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उत्तरकाशी के जन संघर्षो का महानायक: कमला राम नौटियाल

बाईस बरस की आयु में एक नौजवान अपने आस पास की दुनिया में बदलाव के लिए "उत्तरकाशी भ्रष्टाचार निरोधक संघ"…

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भुवाली की खुबानी पहाड़ की मोटर और कत्यूरियों की राजधानी में राहुल

कत्यूरी कुमाऊँ का प्रथम ऐतिहासिक राजवंश था. कुमाऊँ के इतिहास पर लेखनी चलाते समय कत्यूरियों के पुराने अवशेषों को देखना…

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सोर घाटी में आघात नाटक की यह प्रस्तुति एक आस जगाती है

वामन चोरधड़े मराठी लोकजीवन और लोकसाहित्य के गंभीर अध्येता रहे हैं इसलिए ग्रामीण जीवन का यथार्थ चित्रण उनकी कहानियों में…

4 years ago