फोटो: अखिलेश बोहरा
पिछले कुछ वर्षों में हनुमान धाम मंदिर रामनगर आने वाले पर्यटकों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय रहा है. कार्बेट से लगा हनुमान धाम मंदिर इसी दशक में बना है. छोई गांव में स्थित यह भव्य मंदिर क्षेत्र में दिनों दिन लोक्रप्रिय होता जा रहा है.
(Shri Hanuman Dham Ramnagar)
रामनगर से करीब साढ़े आठ किमी की दूरी पर स्थित यह मन्दिर हनुमान को समर्पित है. मंदिर के चारों ओर बड़ा खुला हुआ प्रांगण है. बाहर से ही बेहद भव्य दिखने वाले मंदिर के भीतर बजरंगबलि हनुमान को अलग-अलग भावों में दिखाया गया है.
मंदिर के भीतर बंजरग बली हनुमान के अतिरिक्त भी अन्य देवी देवताओं की अनेक भव्य मूर्तियां हैं. मंदिर के भीतर तस्वीरें लेना मना है. बाहर से मंदिर की तस्वीरें ली जा सकती हैं. इस मंदिर का उद्घाटन वर्ष 2016 में राज्यपाल के.के. पॉल द्वारा किया गया था.
(Shri Hanuman Dham Ramnagar)
वर्षों से चल रही निर्माण क्रिया के बाद भव्य रूप से बना यह मंदिर श्री हनुमान धाम नाम से लोकप्रिय है. यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में दर्शानार्थी आते हैं. मंगलवार के दिन मन्दिर में विशेष पूजा का आयोजन होता है. मंदिर में सुबह 5 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक भक्त दर्शन करते हैं.
छोई का शांतिपूर्ण माहौल श्री हनुमान धाम को सकारात्मक उर्जा देता है. साथ ही भक्तों को ध्यान और ईश्वर उपासना में छोई का वातावरण विशेष योगदान देता है. एकांत में बने इस मन्दिर में देश और दुनिया से अनेक भक्त आने लगे हैं. श्री हनुमान धाम की मान्यता दिनों दिन बडती जा रही है.
(Shri Hanuman Dham Ramnagar)
इसे भी पढ़ें: द्रोणागिरि के लोग आज भी क्यों भगवान हनुमान से नाराज हैं : तीस साल पुरानी रिपोर्ट
Support Kafal Tree
.
काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें
पहाड़ के एक छोटे-से गाँव में एक पिता रहता था. उम्र अब ढलने लगी थी,…
सांस्कृतिक परम्परा की दृष्टि से उत्तराखण्ड एक समृद्ध राज्य है. समय-समय पर यहां के कई…
जाने-माने पत्रकार, साहित्यकार और फिल्म निर्देशक विनोद कापड़ी से कल शाम मुलाकात हुई. दरअसल,उनके निर्देशन में…
उत्तराखंड की सांस्कृतिक राजधानी अल्मोड़ा के मुख्य आकर्षण में से एक रामलीला का मंचन इन…
लोग इसे पहाड़ और पलायन की कहानी की तरह देखेंगे. लोग इसे खंडहर होते जा…
पिछली कड़ी : सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन संघर्षनामा का ये किस्सा आजादी…