प्रो. मृगेश पाण्डे

आषाढ़ का एक दिन : सोर घाटी से हिमालय

बड़े शहरों के मुकाबले धीरे चलने वाला यह जिला अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण देश के सबसे महत्वपूर्ण जिलों में गिना जाता है. नेपाल और चीन से लगी इसकी सीमा सामरिक दृष्टिकोण से इसे भारत का सबसे महत्वपूर्ण जिला बनाती है.
(Photos of Himalaya from Pithoragarh)

पिथौरागढ़ अद्भुत है. इसकी कमी कहिये या खासियत एकबार जो किसी को पिथौरागढ़ में रहने की आदत लग गयी उसे फिर केवल पिथौरागढ़ ही सुकून दे सकता है. पिथौरागढ़ में रहने वाले किसी भी बासिंदे के चेहरे पर इस शहर का यह सुकून देखा जा सकता है.

सोर घाटी के नाम से मशहूर इस कस्बे को भले दुनिया मिनी कश्मीर का उपनाम देती हो लेकिन यहां रहने वाला ही इस बात को समझ सकता है कि पिथौरागढ़ केवल पिथौरागढ़ और पिथौरागढ़ जैसा दूसरा कोई नहीं.

प्रो. मृगेश पांडे के कैमरे से पहाड़ियों से घिरे इसके मुख्यालय से हिमालय की कुछ तस्वीरें देखिये :
(Photos of Himalaya from Pithoragarh)

फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे
फोटो : प्रो. मृगेश पांडे

(Photos of Himalaya from Pithoragarh)

जीवन भर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुल महाविद्यालयों में अर्थशास्त्र की प्राध्यापकी करते रहे प्रोफेसर मृगेश पाण्डे फिलहाल सेवानिवृत्ति के उपरान्त हल्द्वानी में रहते हैं. अर्थशास्त्र के अतिरिक्त फोटोग्राफी, साहसिक पर्यटन, भाषा-साहित्य, रंगमंच, सिनेमा, इतिहास और लोक पर विषदअधिकार रखने वाले मृगेश पाण्डे काफल ट्री के लिए नियमित लेखन करेंगे.

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online

Support Kafal Tree

.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

कानिया के प्रेम में दीवानी सुबनी : लोककथा

रात ढलते ही जब सुबनी और लाली दोनों बहनें पानी भरने के लिए गाँव के…

6 days ago

चीड़ की छाल को कलाकृतियों का रूप दे रहा एक कलाकार

चीड़ के जंगल उत्तराखण्ड के कुमाऊं व गढ़वाल क्षेत्र में 900 से 1500 मीटर की ऊंचाई पर बहुतायत में पाये…

6 days ago

मेरी यादों का पहाड़ : एक बहुआयामी किताब

2013 सन् में नेशनल बुक ट्रस्ट ने देवेन्द्र मेवाड़ी की किताब 'मेरी यादों का पहाड़' छापकर सराहनीय…

6 days ago

पहाड़ की पुकार जो खींच ले गई मुझे

नौ साल बाद पिथौरागढ़ जा रहा था. पिछले कुछ वर्षों में जब भी छुट्टी मिली, बेटी…

1 week ago

‘मनिला डांडे की देवी मां आज बहुत उदास है

देवी मां उदास है परन्तु परलोक गया पुत्र आज भी यादों में आकर उसको हिम्मत…

1 week ago

सोशियल इकोनॉमी ऑफ हिमालय : हिमालय की सामाजिक अर्थव्यवस्था का आरंभिक अकादमिक अध्ययन

पिछली कड़ी : उत्तराखंड राज्य की अवधारणा किसी एक नेता या आंदोलन से नहीं बनी…

2 weeks ago