फोटो: विनीता यशस्वी
नैनीताल की लोअर माल रोड के एक हिस्से के धंस जाने की खबर पुरानी पड़ती जा रही है. इस दुर्घटना के बाद से ही इसे और इस बहाने नैनीताल को बचाना शासन और कोर्ट-कचहरी से लेकर वैज्ञानिकों और नीतिनिर्माताओं तक सभी के ऐजेंडे में शामिल हो गया है. लोअर माल रोड की अभी एक घंटे पुरानी स्थिति का जायजा लिया नैनीताल में रहनेवाली हमारी स्तम्भकार विनीता यशस्वी ने. आप देख सकते हैं इसमें जगह जगह दरारें पड़ी हुई हैं और ऐसी नई-पुरानी दरारों को जुगाड़ टेक्नीक से भरा जाता रहा है. इस से यही साबित होता है कि हमारे यहाँ ठोस उपाय करने की याद तभी आती है जब तक कि कोई बड़ा हादसा न हो जाय.
एक फोटो निबंध विनीता के कैमरे से –
काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें
पिछली कड़ी : कुमाऊं केसरी बद्रीदत्त पांडे का बहुआयामी व्यक्तित्व व कृतित्व : इतिहास से…
उत्तराखंड अपनी निराली संस्कृति के लिए जाना जाता है. यहां के लोक जीवन के कई…
‘‘...हिमालय के दूर-दराज गाँव के अत्यंत विपन्न परिवार में जन्मा एक छात्र नोबेल विजेता भौतिकशास्त्री…
अल्मोड़ा के काफलीखान गांव के रवि टम्टा ने जब अपने बनाए फ्लाइंग व्हीकल "हापिडा स्काईनेक्स"…
उत्तराखंड के पहाड़ों में लोकगीत और लोकनृत्य केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि यहां की सामाजिक-सांस्कृतिक…
पिछली कड़ी : हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी कुमाऊं को विशिष्ट…