चौखुटिया से 12 किलोमीटर पहले रामगंगा नदी के पूर्वी किनारे पर तल्ला गेवाड़ में एक छोटी सी बसासत है मासी. 20 अक्टूबर के दिन यहां एक हाफ मैराथन का आयोजन किया गया था. इस हाफ मैराथन और इसके आयोजकों के विषय में विस्तार से यहां पढ़े : मासी जैसी छोटी सी पहाड़ी जगह में मैराथन – पहाड़ से एक और अलख (Masi Marathon Photo Essay)
इक्कीस किलोमीटर की इस मैराथन में हाफ मैराथन में कर्नाटक के महांकूटेश्वर ने बाजी मारी, दूसरे स्थान पर कोटद्वार के मंजीत सिंह रहे और तीसरे स्थान पर उत्तराखंड पुलिस के हरीश कोरंगा रहे. (Masi Marathon Photo Essay)
मासी हाफ़ मैराथन के प्रथम दस धावकों को नकद पुरुस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया गया. मासी मैराथन में अतिथि के रूप में जगत सिंह चौधरी (जंगली), एवरेस्ट विजेेता शीतल, डॉ. कपिल गौड़, विधायक महेश नेगी आदि शामिल थे.
घाटी में मैराथन को लेकर ग़जब का उत्साह देखेने को मिला. 12 साल से लेकर 78 साल के लोग मासी मैराथन में शामिल हुये थे. मासी मैराथन का आयोजन मासी-चौखुटिया के बीच किया गया. इस दौरान पुलिस, प्रशासन द्वारा दो घंटे तक यातायात भी बंद रखा गया.
अमर उजाला में छपी एक ख़बर के अनुसार – मासी के बुजुर्ग बद्रीलाल वर्मा (78), हरिदत्त जुयाल (66), शिवसिंह रावत (62), भुवन गौड़ (72) व रामस्वरूप मासीवाल सहित तमाम ऐसे बुजुर्ग थे जो युवा प्रतिभागियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने.
काफल ट्री पर कल आपने मासी मैराथन की कुछ तस्वीरें और रिपोर्ट देखी थी आज देखिये युवा नीरज पांगती द्वारा ली गयी मासी मैराथन की कुछ शानदार तस्वीरें. मासी मैराथन में आयोजित इस प्रतियोगिता में पांडवाज की तरफ से आयोजित फोटोग्राफी प्रतियोगिता में नीरज पांगती को तीसरा स्थान मिला था :
एंकरिंग, कविता, फोटोग्राफी और थिएटर का शौक रखने वाले नीरज सिंह पाँगती अल्मोड़ा के रहने वाले हैं.
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