समाज

15 अगस्त स्पेशल : कुमाऊं-गढ़वाल से आजादी की लड़ाई की दुर्लभ तस्वीरें

भारत के स्वाधीनता संग्राम में कुमाऊँ-गढ़वाल का बड़ा योगदान रहा था. कांग्रेस पार्टी की अगुवाई में इस पर्वतीय क्षेत्र के चप्पे-चप्पे में राष्ट्रभक्ति की लहर दौड़ गयी थी और यहाँ के अनेक नेता राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम बनाने में कामयाब हुए. (Freedom Struggle Uttarakhand Photos)

कुमाऊँ और गढ़वाल में जनजागरण के उद्देश्य से महात्मा गांधी समेत बड़े राजनेता व स्वतंत्रता सेनानी भ्रमण पर आये. उनकी प्रेरणा से स्वाधीनता आन्दोलन ने बहुत जोर पकड़ा और उसे एक निर्णायक दिशा मिली. (Freedom Struggle Uttarakhand Photos)

उत्तराखंड के स्वाधीनता संग्राम में योगदान की विषयवस्तु पर वर्ष 1997 में एक महत्वपूर्ण पुस्तक ‘सरफरोशी की तमन्ना’ का प्रकाशन हुआ था. मशहूर इतिहासकार और पर्यावरणविद प्रो. शेखर पाठक के इस पुस्तक का सम्पादन किया था.

आज भारत के स्वतंत्रता दिवस की बहत्तरवीं वर्षगाँठ पर हम इसी किताब से कुछ चुनिन्दा फोटोग्राफ आपके लिए प्रस्तुत कर रहे हैं. इन तस्वीरों में एक ऐसे समय की झलक मिलाती है जब देश और उसे आजाद कराने का जज्बा सारे पहाड़ की जीवनधारा में फैला हुआ था.

कहना न होगा इन तस्वीरों को उपलब्ध कराने और उन्हें यहाँ प्रकाशित करने की अनुमति देने के लिए हम प्रो. शेखर पाठक और उनकी पूरी टीम के आभारी हैं.

आप सब को स्वतंत्रता दिवस की बधाई!

15 अगस्त 1947, नैनीताल
15 अगस्त 1947, हल्द्वानी
अंग्रेज सरकार के पिछलग्गुओं से अपील
देहरादून जेल से लौटने के बाद बदरी दत्त पाण्डे
बदरी दत्त पाण्डे
बागेश्वर के उत्तरायणी मेले में बेगार के खिलाफ सभा
कांग्रेस बुलेटिन
कांग्रेस सेवा दल कैम्प, ताड़ीखेत
कुमाऊँ से पहली महत्वपूर्ण राजनैतिक गिरफ्तारी
नैनीताल में गांधी
अल्मोड़ा में गांधी
नैनीताल में गांधी के आगमन पर उमड़ी भीड़
पौड़ी कांग्रेस
हर गोविन्द पन्त
झंडा सत्याग्रह अल्मोड़ा
जंगल सत्याग्रह मोहान 1942
झंडा सत्याग्रह अल्मोड़ा
झंडा सत्याग्रह अल्मोड़ा 1940
झंडा सत्याग्रह, बागेश्वर 1940
झंडा सत्याग्रह, नैनीताल
नागेन्द्र सकलानी
नैनीताल में नेहरू
पौड़ी में नेहरू
झंडा सत्याग्रह अल्मोड़ा
कांग्रेस सम्मेलन, पौड़ी 1946
प्रभात फेरी
कौमी सेवा दल के सैनिक
कौमी सेवा दल, उभ्याड़ी
सत्याग्रहियों का प्रशिक्षण शिविर, चिलियानौला 1940
सेवा समिति, हल्द्वानी
अल्मोड़ा में अनशन पर बैठे शांतिलाल द्विवेदी
शिल्पकार सभा
आन्दोलन में महिलाओं की भागीदारी

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

View Comments

  • अपने प्रदेश के स्वतंत्रता संघर्ष की दुर्लभ फ़ोटोज़ शेर करनेके लिए बहुत धन्यवाद ! सच मैं प्रेरणा दायक है !

  • ये सब फोटो सेशन लग रहा है । आंदोलन की एक भी तस्वीर नहीं लग रही है । ऐसे ही प्रचार करके कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन के असली नायकों को गुमनामी में धकेल कर अपना उल्लू साधा है ।

Recent Posts

हैप्पी बर्थडे कॉर्बेट साहब

जिम कॉर्बेट उन चुनिंदा विदेशी मूल के भारतीयों में से एक हैं जिन्होंने भारत में…

4 hours ago

28 साल के युवा से जब टिहरी रियासत डर गई

रात का वक्त था. जुलाई की बारिश पहाड़ों को भिगो रही थी, और भिलंगना नदी हमेशा…

6 hours ago

दुनिया में शांतिपूर्ण आंदोलनों का संक्षिप्त इतिहास

मानव इतिहास में सत्ता के विरुद्ध विरोध उतना ही पुराना है जितना संगठित शासन. प्रारंभिक…

1 day ago

गांधीजी ने दुनिया के सबसे बड़े अहिंसक आंदोलन का संचालन कैसे किया?

12 मार्च 1930 की सुबह साबरमती आश्रम के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र थे.…

2 days ago

भारत में आँसू गैस के गोले सबसे पहले अंग्रेज़ लाए थे

आज भारत में किसी बड़े प्रदर्शन, छात्र आंदोलन या राजनीतिक रैली के दौरान पुलिस द्वारा आँसू…

2 days ago

कुमाऊं का सबसे बड़ा सामाजिक समूह “खस” रहा : आर. डी. सनवाल

पिछली कड़ी : सोशियल इकोनॉमी ऑफ हिमालय : हिमालय की सामाजिक अर्थव्यवस्था का आरंभिक अकादमिक…

2 days ago