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बूबू और उनके बर्मा के किस्से

आज हम अपने पहाड़ों की खूबसूरती, ताजी हवा, शुद्ध पानी, संपदा व संस्कृति का गुणगान करते नहीं थकते. यह सब…

4 years ago

शतरंज के खिलाड़ी

वाजिदअली शाह का समय था. लखनऊ विलासिता के रंग में डूबा हुआ था. छोटे-बड़े, अमीर-गरीब, सभी विलासिता में डूबे हुए…

4 years ago

बादलों में भवाली: भवाली की जड़ों को टटोलती किताब

अंग्रेजी वर्तनी के अनुसार भोवाली, अतीत में भुवाली और अब भवाली नाम से जाना जाने वाला यह छोटा सा कस्बा…

4 years ago

उत्तराखंड : आगम और व्यय की कदमताल

कहते हैं कि कविताओं में बड़ी धार होती है. उत्तराखंड के भाबर तराई और पहाड़ के लिए किये जाने वाले…

4 years ago

फिल्मों में उत्तराखण्ड की अभिनेत्रियाँ

अपनी खूबसूरत वादियों के लिए दुनिया भर में पहचाना जाने वाला उत्तराखण्ड पहाड़ी लोगों की मोहित कर देने वाली नैसर्गिक…

4 years ago

टांडा फिटबाल किलब और पेले का बड़ा भाई

यह किस्सा अशोक पांडे के उपन्यास लप्पूझन्ना का एक हिस्सा है. आम आदमी के जीवन और उसकी क्षुद्रता के महिमागान…

4 years ago

सयानी बुआ : कहानी

-मन्नू भंडारी सब पर मानो बुआजी का व्यक्तित्व हावी है. सारा काम वहाँ इतनी व्यवस्था से होता जैसे सब मशीनें…

4 years ago

चांद और चकोर के प्रेम की कहानी: लोककथा

चांद और चकोर के प्रेम की कहानी किसने न सुनी होगी. दुनिया में जहां प्रेम का बात होगी वहां चांद…

4 years ago

आउट ऑफ सिलेबस

कभी-कभी ज़िंदगी में अपने जैसे किसी अन्य व्यक्ति से मुलाकात हो जाये तो बड़ी कठिनाई उत्पन्न हो जाती है. आज…

4 years ago

छिपलाकोट अन्तर्यात्रा: बेचैन बहारों को गुलजार हम करें

पिछली कड़ी यहां पढ़ें: छिपलाकोट अन्तर्यात्रा: मुड़ मुड़ के न देख  "ऊपर गाड़ी में सामान किसका है, रस्सी से बंधा"? बिल्कुल…

4 years ago