Featured

कुमाऊनी कहानी : जाग

पिरमूका दस्तनि स्वेर हाली. चारै दिन में पट्टै रै गयी. भ्यार भितेर जाण में घुनन में हाथ धरनयी. दास बिगाड़नि…

3 years ago

लोक कथा : सौतेली माँ

एक दिन एक ब्राह्मण ने अपनी पत्नी को अपने बिना खाना खाने से मना किया ताकि कहीं ऐसा न हो…

3 years ago

इतिहास का विषय बन चुकी हैं उत्तराखण्ड के पर्वतीय अंचलों की पारम्परिक पोशाकें

विश्व के अन्य भागों की भाँति ही उत्तराखण्ड की संस्कृति भी अपने आप में समृद्ध रही है, परन्तु आधुनिकता की…

3 years ago

पहाड़ियों की अंग्रेजी टैट है

दिन भर की थकी हारी आमा जैसे ही सूरज डूबने के बाद घर में घुसी तो देखा किशन अंदर चारपाई…

3 years ago

ऊँची चोटियों पर क्यों बसते हैं पहाड़ियों के लोकदेवता

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree पहाड़ी अपने सरल व्यवहार के लिए जाने जाते…

3 years ago

आखिर पवित्र नदियों के संगम की ऐसी दुर्गति क्यों?

मैं जौलजीबी के झूला पुल से गुजरते हुए नेपाल की सीमा से जुड़े हुए गांव की ओर बढ़ रही हूं,…

3 years ago

व्यासऋकी (व्यास ऋषि) पूजा परंपरा, कल और आज

परिचय- ‘‘नमोस्तु ते व्यास विशालबुद्धे, फुल्लारविन्दायतपत्रनेत्र:. येन त्वया भारततैलपूर्ण: प्रज्ज्वालितो ज्ञानमयप्रदीप:..’’ अर्थात:- जिन्होंने महाभारत रूपी ज्ञान के दीप को प्रज्वलित…

3 years ago

उत्तराखण्ड में टोपी पहनने का चलन कब शुरू हुआ?

सर्द मौसम है कभी बादल सूर्य को आगोश में ले लेते हैं कभी सूरज देवता बादलों को पछाड़कर धूप फेंकते…

3 years ago

‘काफल ट्री’ की थिएटर वर्कशॉप के लिए रजिस्ट्रेशन करवाएं

उत्तराखण्ड में थिएटर में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. ‘काफल ट्री फाउंडेशन’ और ‘द शक्ति ऑनसेम्बल’…

3 years ago

अंग्रेजी ने बिगाड़ा इस ख़ूबसूरत पहाड़ी कस्बे का नाम

'बेरीनाग शब्द 'बेड़ीनाग' का अपभ्रंश है. बेड़ीनाग का अर्थ लिपटे हुए नाग से है. समझा जाता है कि अंग्रेजी में…

3 years ago