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कहानी : पेन पाल

-जी. श्रीनिवास राव इसकी शुरुआत उस एक सुबह से हुई, जब मैं 21 वर्ष का कॉलेज विद्यार्थी था और अचानक…

3 years ago

पहाड़ी ऐसे मनाते हैं बंसत पंचमी

उत्तराखंड में बंसत पंचमी का दिन सबसे पवित्र दिनों में एक माना गया है. सिर पंचमी के नाम से जाना…

3 years ago

गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगा छोलिया नृत्य

इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में उत्तराखण्ड की झांकी ख़ास…

3 years ago

दो गज जमीन

दो बहने थी. बड़ी का कस्बे में एक सौदागर से विवाह हुआ था. छोटी देहात में किसान के घर ब्याह…

3 years ago

क्या सुभाष चन्द्र बोस की मृत्यु देहरादून में हुई

कई सारे लोग आज भी यह मानते हैं कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की मृत्यु 1945 की विमान दुर्घटना में…

3 years ago

टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑल वैदर रोड पर बिताई दो रातें

सितम्बर का महीना था. मौसम का मिज़ाज इस कदर बदला हुआ था कि चौमासे में बारिश ना के बराबर हुई.…

3 years ago

नेताजी को उत्तराखंडी जांबाजों पर था सबसे ज्यादा भरोसा

सुभाष चन्द्र बोस ने 21 अक्टूबर 1943 को आज़ाद हिन्द सरकार का गठन किया था. 1942 में द्वितीय विश्व युद्ध…

3 years ago

एक महान सपने को साकार होते देखने की चित्र गाथा है ‘परेड ग्राउण्ड टू लैंसडाउन चौक‘

सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में हिमालयी अध्ययन पर संकेन्द्रित दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र का प्रार्दुभाव 16 मार्च, 2006 को…

3 years ago

बसंत हमारी आत्मा का गीत और मन के सुरों की वीणा है

जनवरी का महीना था ज़मीन से उठता कुहासा मेरे घर के आसपास विस्तीर्ण फैले हुए गन्ने के खेतों पर एक वितान…

3 years ago

जोशीमठ के पहाड़

इतने सीधे खड़े रहते हैंकि अब गिरे कि तबगिरते नहीं बर्फ़ गिरती है उन परअंधेरे मे ये बर्फ़ नहीं दिखतीपहाड़…

3 years ago