खेल

पांच साल के तेजस शतरंज में उत्तराखण्ड का भविष्य हैं

शतरंज की दुनिया में उत्तराखण्ड का एक सितारा अपनी चमक बिखेरने की पुरजोर तैयारी कर रहा है. इस नन्हे प्रतिभावान खिलाड़ी का नाम है तेजस तिवारी. खिलौनों से मन बहलाने की उम्र में ही तेजस ने शतरंज के मोहरे थाम लिए. तेजस मात्र 3.5 वर्ष की आयु से शतरंज खेल रहे हैं. तेजस को शतरंज विरासत में अपने पिता से मिली, उन्हीं से वे शतरंज की बारीकियां समझते हैं. 4 वर्ष के होने तक तेजस ने पिता की बिछाई बिसात को लांघकर जिले और राज्य स्तर के शतरंज के टूर्नामेंट खेलने शुरू कर दिए. 4 वर्ष की आयु में ही तेजस को उत्तराखंड के ‘यंगेस्ट चेस प्लेयर’ का खिताब हासिल हुआ. (Tejas Tiwari Uttarakhand Chess)

अब तक तेजस उत्तराखण्ड और अन्य प्रदेशों बेंगलुरु (कर्नाटक), उदयपुर (राजस्थान), मथुरा (उत्तर प्रदेश), हैदराबाद (तेलंगाना), तक विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश), भुवनेश्वर (उड़ीसा), अहमदाबाद (गुजरात), होसुर (तमिलनाडु)  में आयोजित शतरंज  प्रतियोगिताओं में अपने हुनर का जलवा बिखेर चुके हैं. इस दौरान वे ‘गोल्डन ब्वाय,’ ‘यंगेस्ट प्लेयर’ आदि का खिताब अपने नाम कर चुके हैं.

मार्च 2022 में ‘उत्तराखंड शतरंज संघ’ द्वारा आयोजित 16वीं उत्तराखंड स्टेट ओपन शतरंज प्रतियोगिता में तेजस तिवारी अंडर 08 केटेगरी में प्रथम स्थान प्राप्त कर उत्तराखंड स्टेट चैम्पियन बन गए हैं.

तेजस तिवारी इस समय कुल 5 वर्ष के हैं और राष्ट्रीय स्तर की 5 शतरंज प्रतियोगिताओं में भागीदारी कर चुके हैं.

वर्ष 2022 में भुवनेश्वर (उड़ीसा) में आयोजित ‘नेशनल स्कूल शतरंज प्रतियोगिता’ के अंडर 5 कैटेगरी में तथा वर्ष 2023 में होसुर (तमिलनाडु) में आयोजित ‘नेशनल स्कूल शतरंज प्रतियोगिता’ की अंडर 6 कैटेगरी में तेजस तिवारी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर एशियन स्कूल प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया. अब वे एशिया के स्तर पर खेलकर उत्तराखंड को गौरवान्वित करेंगे.  

मात्र 5 वर्ष की आयु में ही देश के 10 राज्यों में खेलकर और कई खिताब हासिल कर तेजस तिवारी ने इस बात का संकेत दे दिया है कि वे आने वाले समय में शतरंज की दुनिया में उत्तराखण्ड का मान बढाने वाले हैं.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Sudhir Kumar

Recent Posts

धरती की 26 सेकंड वाली धड़कन: लोककथा और विज्ञान का अद्भुत संगम

दुनिया के अनेक लोक कथाओं में ऐसा जिक्र तो आता है कि धरती जीवित है,…

5 months ago

कथा दो नंदों की

उपकोशा की चतुराई, धैर्य और विवेक से भरी कथा के बाद अब कथा एक नए…

5 months ago

इस बदलते मौसम में दो पहाड़ी रेसिपी

पहाड़ों में मौसम का बदलना जीवन की गति को भी बदल देता है. सर्दियों की…

5 months ago

अल्मोड़े की लखौरी मिर्च

उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक संपदा, पारंपरिक खेती और लोक संस्कृति के लिए जाना जाता है. पहाड़…

5 months ago

एक गुरु की मूर्खता

केरल की मिट्टी में कुछ तो है, या शायद वहाँ की हवा में, जो मलयालियों…

5 months ago

अगर आपके घर में बढ़ते बच्चे हैं तो जरूर पढ़ें एकलव्य प्रकाशन की किताबें

अगर आपके घर में बढ़ते बच्चे हैं, तो उनके भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी केवल…

5 months ago