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मैदान में मौज करते नेता पहाड़ में मांगते हैं वोट

विषम भौगोलिक परिस्थिति वाला राज्य. आज भी जहां आवागमन के सीमित संसाधन हैं. इसमें भी अधिकांश कच्ची व टूटी सड़कें…

8 years ago

पहाड़ और मेरा बचपन – 3

पिछली क़िस्त पहाड़ और मेरा बचपन – 2 मां आस-पास की ऐसी औरतों को जानती थी, जिन्होंने खुद भी गाय…

8 years ago

माफ़ करना हे पिता – 6

(पिछली क़िस्त: माफ़ करना हे पिता - 5) एक रोज सीढ़ियों से लुढ़क कर मैं अपना माथा फुड़वा बैठा. लोगों…

8 years ago

मध्यकालीन गढ़वाल राजनीति का चाणक्य भाग – 1

मध्यकालीन गढ़वाल की राजनीति जिसे गढ़ नरेशों के युग से भी जाना जाता है, में कुछ असाधारण व्यक्तियों ने अपनी…

8 years ago

रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 6

(पिछली क़िस्त का लिंक - रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा - 5) सुबह 4 बजे उठी और सबसे…

8 years ago

सहज लोकबुद्धि और शारीरिक पराक्रम की कथा है चंदायन

लुरखुर लोरिक -चन्द्र भूषण चंडीगढ़ के आर्ट म्यूजियम में लौर-चंदा सीरीज की 14 फोलियो पेंटिंगें मौजूद हैं. 16वीं सदी में…

8 years ago

धौली और नन्दा की कथा

कार्तिग के महीने गांव के ऊपर नीचे की सारियां फसल काटने के बाद खाली हो जाती. आसमान बरसात के बाद…

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कोयल उस ऋतु को बचा रही है

चेन्नई में कोयल -आलोक धन्वा चेन्नई में कोयल बोल रही है जबकि मई का महीना आया हुआ है समुद्र के…

8 years ago

परीक्षा माने – ‘पर इच्छा’

दो दोस्त थे. दोनों में काफी घनिष्ठता थी. दाँत काटी दोस्ती समझ लीजिए. ये बात, इस नजरिए से बखूबी साबित…

8 years ago

राज्यसभा टीवी की प्यार भरी ‘गुफ़्तगू’ के 300 एपीसोड पूरे

जिस दौर में टी.वी.चैनलों का मतलब ही शोर और हुल्लड़बाज़ी हो गया हो, ‘गुफ़्तगू’ के 300 एपीसोड पूरा होना एक…

8 years ago