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देश में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है मकर संक्रान्ति का त्यौहार

मकर संक्रान्ति भारत और नेपाल के हिंदुओं द्वारा मनाये जाने वाले प्रमुख त्यौहारों में से एक है. मकर संक्रान्ति का…

7 years ago

सरदार मान सिंह के रूप में सुन्दरलाल बहुगुणा

तीन बेटों और दो बेटियों के बाद 9 जनवरी 1927 को टिहरी रियासत के वन अधिकारी अम्बादत्त बहुगुणा के घर…

7 years ago

हुड़के की गमक और हुड़किया बौल

उत्तराखण्ड में लोकगीतों की लम्बी परम्परा रही है. यह हमारा दुर्भाग्य है कि इसे लिखित रूप में सहेज कर रखने…

7 years ago

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 80

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

7 years ago

गंदरायण: अंतर्राष्ट्रीय ठसक वाला पहाड़ी मसाला

गंदरायण, गंदरायणी, गंदरायन या छिप्पी नामों से जाना जाने वाला हिमालयी मसाला ठेठ पहाड़ी खान-पान का अहम मसाला है. राजमा,…

7 years ago

आसमान टूट पड़ा

कहो देबी, कथा कहो – 27 पिछली कड़ी: कहो देबी, कथा कहो – 26 चंद्रशेखर लोहुमी को जानते हैं आप?…

7 years ago

सवर्णों को आर्थिक आधार पर आरक्षण: संवैधानिक आधार व चुनौतियाँ

अवसर की समानता अर्थात किसी भी प्रकार की सरकारी सेवा में चुने जाने का भारत के प्रत्येक नागरिक को समान…

7 years ago

पारंपरिक लोक-संगीत की धरोहर ‘हरदा सूरदास’

बात कुछ साल पुरानी होगी. संभवतः 1980-81 की. मई-जून का महीना. नैनीताल टूरिस्टों से खचा-खच भरा हुआ. शहर की माल…

7 years ago

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 79

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

7 years ago

बेटे-बहुएं दिल्ली चले गए घर में रह गए बूढ़े

2017 में उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा पलायन की समस्या निदान हेतु एक आयोग बनाया गया. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बने…

7 years ago