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स्वामी विवेकानन्द की उत्तराखण्ड यात्राएँ

स्वामी विवेकानन्द (Swami Vivekananda) ने अपने जीवनकाल में उत्तराखण्ड (Uttarakhand) की चार बार यात्रा की. स्वामी विवेकानन्द द्वारा अपने मित्रों…

7 years ago

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 83

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

7 years ago

उत्तराखण्ड का लोकपर्व उत्तरायणी

उत्तराखण्ड (Uttarakhand) का लोक पर्व उत्तरायणी अब करीब ही है. इस मौके पर होने वाले मेले सज चुके हैं और…

7 years ago

पंतनगर के सन्नाटे में धांय-धांय

कहो देबी, कथा कहो – 28 पिछली कड़ी: कहो देबी, कथा कहो – 27, आसमान टूट पड़ा क्या नहीं था…

7 years ago

रोजगार दिख नहीं रहा, यूबीआइ क्या गुल खिलाएगा

बड़ी अजीब स्थिति है भारत सरकार में बैठे रणनीतिकारों की। दुनिया के तमाम विकसित देशों की बराबरी का ख्वाब देखते…

7 years ago

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 82

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

7 years ago

मडुआ: एक पहाड़ी अनाज का फर्श से अर्श तक का सफर

मडुआ, मंडुआ, क्वादु और कोदा नाम से पहचाने जाने वाले अनाज को लम्बे समय तक उत्तराखण्ड में वह सम्मान नहीं…

7 years ago

1842 से छप रहे हैं उत्तराखण्ड में अखबार

उत्तराखंड में पत्रकारिता की शुरूआत -विनीता यशस्वी पहले अखबार उत्तराखंड के कुमाऊनी व गढ़वाली दोनों इलाकों में पत्रकारिता का इतिहास…

7 years ago

उत्तराखण्ड में कृषि और शराब पर ब्रिटिशकालीन रिपोर्ट

उत्तराखंड में आज शराब अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत स्तंभ बन गयी है. शराब बंदी का नारा देकर सरकार बनाने वाली…

7 years ago

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 81

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

7 years ago