लो, अपनी पृथ्वी ने एक और चक्कर पूरा कर लिया है. वैसे ये चक्कर साल के किसी भी दिन पूरा…
हम सभी के अंदर एक कवि रहता है कम से कम भारतीयों के संबंध में तो यह कहा ही जा…
4G माँ के ख़त 6G बच्चे के नाम – 38 (Column by Gayatree arya 38) पिछली किस्त का लिंक: तुम कम से…
हर ऋतु में अपने गीत हैं. खट्ट से आस पास से कई अलंकार समेट फूट पड़ते हैं. मेले ठेले में, पर्व में,…
उत्तराखंड के बिपिन रावत देश के पहले चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किये जा रहे हैं. कल 31 दिसम्बर के…
पहाड़ और मेरा जीवन – 62 (पिछली क़िस्त: और मैं जुल्फ को हवा देता हुआ स्कूल से कॉलेज पहुंचा) मैंने…
डूबते पहाड़ और धुंध में विलीन होते महानगर, सुनने में कैसा लगता है यह वाक्य? निःसन्देह खराब ही लगेगा. क्योंकि…
प्रताप भैया की 87वीं जयन्ती पर कोई सामान्य सी घटना भी आपकी जिन्दगी की दिशा मोड़ सकती है, यदि संवदेनशीलता…
नए साल की ईव पर (न्यू इयर्स ईव जैसे फ्रेज़ ने भी जीवन में उन प्रोग्रामों की वजह से ही…
बैसाख का आखरी हफ्ता मधुमास का लगभग पूरा अवसान और ग्रीष्म का शैशव काल में पदार्पण. नौकरी लगने के पूरे…