उत्तराखंड के बिपिन रावत देश के पहले चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किये जा रहे हैं. कल 31 दिसम्बर के दिन उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है. नए थल सेना अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे होंगे. First Chief of Defence Staff
माना जा रहा है कि जनरल बिपिन रावत को चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ नियुक्त करने के लिये केंद्र सरकार ने कल ही नियम परिवर्तन किये थे. सरकार ने चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ पोस्ट के लिए सेना के नियमों में संशोधन कर उम्र की सीमा को बढ़ाकर 65 साल किया था. रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सैन्य नियमावली, 1954 में बदलाव किए गए हैं.
जनरल बिपिन रावत वर्तमान केंद्र सरकार के सबसे भरोसेमंद लोगों में गिने जाते हैं. उनके कार्यकाल में सेना ने बहुत सफल सैन्य आपरेशन भी किये हैं. First Chief of Defence Staff
चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ पद की सिफारिश कारगिल युद्ध के बाद से की गयी थी. बीते 15 अगस्त के दिन लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषणा की गयी थी कि चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच तालमेल सुनिश्चित करेगा और उन्हें प्रभावी नेतृत्व देगा.
इस बात का अर्थ यह हुआ कि चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ का पद तीनों सेनाओं के ऊपर होगा. यह पद ‘फोर स्टार’ जनरल के समान होगा.
यह क्षण उत्तरखंडवासियों के लिये बेहद गर्व का क्षण है उत्तराखंड मूल के बिपिन रावत को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जैसा महत्वपूर्ण पद दिया गया है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बिपिन रावत को बधाई देते हुए अपने फेसबुक वाल पर लिखा कि
जनरल बिपिन रावत जी को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नामित होने पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। सैन्यधाम उत्तराखंड के लिए यह अत्यंत गर्व की बात है कि जनरल रावत इस पद पर सुशोभित हो रहे हैं
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