हमारे पहाड़ों में सभी लोग संक्रांत कोई त्यौहार में पूरे गांव बाखली में दो-दो पूरी और एक बड़ा (पैड) देने…
पहाड़ और मेरा जीवन – 66 (पिछली क़िस्त: वो शेर ओ शायरी, वो कविता और वो बाबा नागार्जुन का शहर…
बताया जाता है कि पांडव जब स्वार्गारोहण को जा रहे थे तो इस स्थान पर लम्बे वक़्त के लिए रुक…
रात के लगभग 10 बज रहे थे. एक मित्र का जन्मदिन मनाने के बाद मैं अपनी बाइक लेकर श्रीनगर के…
हिन्दू परिवारों में कोई उत्सव हो अथवा पारिवारिक रस्म, पिठ्या (रोली) के बिना रस्म पूरी नहीं होती. अमूमन लोग बाजार…
गरुड़ बटी छुटि मोटरा, रुकि मोटरा कोशिअघिला सीटा चान-चकोरा, पछिला सीटा जोशि (Chakor Bird in Almora Uttarakhand) कुमाऊं क्षेत्र में…
काफल ट्री के पाठक अमित श्रीवास्तव के नाम परिचित हैं. पुलिस विभाग में काम करने वाले अमित की छवि काफल…
कॉलेज से दुग्ध धवल हिमालय दिखा करता था, जब कभी बादल लगे हो तो उसके न दिखने का अफसोस जरूर…
मोटे चावल के साथ ही कौणी, मादिर का जौला भी खूब उबाल, भुतका के बनता है. अच्छी तरह गल जाने…
अल्मोड़ा के समीपवर्ती सैनार गांव के लोग इन दिनों बेहद चर्चा में हैं. वजह है गांव में अवैध शराब के…