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लछुली की ईजा – भुवन चन्द्र पन्त की कहानी

प्रायः सुनसान सा रहने वाला लछुली की ईजा का घर-आंगन, आज एकाएक गांव के लोगों से खचाखच भरा था. यह…

6 years ago

अल्मोड़े के उस फूलों वाले पेड़ से जुड़ी हैं हम-आप जैसों की कितनी ही स्मृतियाँ

2006 का साल था. हमने उत्तराखंड के सबसे बेहतरीन उच्च शिक्षा परिसरों में गिने जाने वाले कुमाऊँ यूनिवर्सिटी के सोबन…

6 years ago

लोमड़ और तीतर की पक्की दोस्ती की कथा

एक लोमड़ की एक तीतर से दोस्ती हुई. एक बार लोमड़ ने कहा कि उसे भूख लगी है और उसे…

6 years ago

लखनऊ-पिथौरागढ़ का एक उत्तराखंडी कलाकार ऐसा भी

आज हम आपका परिचय शमशाद अहमद से करा रहे हैं. पिछले तीन दशकों से शमशाद अहमद उत्तराखंड और विशेषतः कुमाऊँ…

6 years ago

एक समय जागेश्वर में शव साधना किया करते थे अघोरपन्थी

कुमाऊँ में रुहेला आक्रमणकारियों ने लगभग सभी मन्दिरों को लूटा और उनमें रखी हुई मूर्तियों को तोड़ा. जागेश्वर ही अपनी…

6 years ago

बंद दरवाजा – स्मिता कर्नाटक की एक अल्मोड़िया दास्तान

चलते चलते अचानक मेरे पैर जहाँ के तहाँ ठहर गये. अग़ल-बग़ल उठ आये मकानों के बीच इस मकान को खोजना…

6 years ago

हमारी दुधबोली के संरक्षक मथुरादत्त मठपाल का जन्मदिन है आज

रामनगर में पंपापुरी में स्थित एक सामान्य से घर की पहली मंजिल पर स्थित एक कमरे में जब आप जाते…

6 years ago

एक तीतर को लेकर हुए घमासान में एक परिवार के उजड़ने की लोककथा

कल हमने आपको कुमाऊँ और पश्चिमी नेपाल की लोककथाओं पर आधारित ई. शर्मन ओकले और तारादत्त गैरोला की 1935 में छपी…

6 years ago

प्रकृति से प्यार करने वाला युवा पहाड़ी किसान : चंदन सिंह नयाल

नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक में एक गाँव पड़ता है नाम है नाई. नाई गांव में अभी कुछ साल पहले…

6 years ago

खुद पर यकीन करोगे, तो कामयाबी कदम चूमेगी

सोचने से सब हो सकता है. कुछ भी. अगर हम पूरे विश्वास और भक्ति के साथ सड़क पर पड़े किसी…

6 years ago