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सिलबट्टा : वह पुरखा जो सदियों से पहाड़ी रसोई में बसा है

सिलबट्टे (सिल-लौढ़) का उत्तरांचली रसोई में एक विशेष महत्व रहा है. शगुन के एकाकी कार्य हो या रोजमर्रा की जिंदगी…

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आप शिकंजी पीना चाहेंगे?

निजी कारणों की वजह से शुरुआत में ही मैं खुद को इस वाकये से अलग कर लेता हूँ. तो वो…

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अतीत को छोड़ दो, बंधनों को तोड़ दो

जन्म के वक्त हम सभी शरीर और दिमाग के स्तर पर एक जैसे होते हैं, लेकिन हम जीवनकाल में अपने…

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कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्र में मुहर्रम जुलूस निकालने की प्राचीन परम्परा

ऐतिहासिक संदर्भ कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्र में  मुख्य रूप से अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रानीखेत और नैनीताल में ताज़िया बनाने की बहुत…

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हमें कभी माफ़ न करना दद्दा ध्यानचंद!

ध्यान चंद की आत्मकथा की प्रस्तावना लिखते हुए मेजर जनरल ए.ए. रुद्रा ने उन्नीस साल के ध्यान चंद को इस…

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उत्तराखंड में भविष्य के पर्यटन का मॉडल है बासा होम स्टे इन खिर्सू पौड़ी गढ़वाल

उत्तराखंड राज्य में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पर्यटन पर विशेष ध्यान देने…

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अल्मोड़े में नंदा देवी मेले की एक्सक्लूसिव तस्वीरें

कोरोना के बीच अल्मोड़ा में आज नंदा देवी का डोला निकाला गया और लोगों की आस्था और विश्वास के बीच…

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लैंसडाउन का घोड़े पर घूमने वाला सरकटा अंग्रेज भूत

लैंसडाउन गढ़वाल राइफल्स से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जगह है. भारत के सबसे जाबाज जवानों के मुख्यालय के जवानों की जितनी…

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पवन पहाड़ी का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

दादि, दादि, दादि मि छूं पवन पहाड़ी... ठेठ पहाड़ी लटेक में कही गयी ये वो पंक्ति है जो शायद ही…

6 years ago

शिखरों के स्वर : ‘स्त्रीधन’ गौरा मैसर तीज

लॉ की पढ़ाई करते वक़्त हिन्दू लॉ की किताब में शादी के शीर्षक में एक शब्द पढ़ा था "स्त्रीधन" यानी…

6 years ago