“साहिबान, गाड़ी आपकी चलने वाली है. आपका ध्यान चाहूँगा. बस दो मिनट लूँगा आपका.साहब, कई बार कविता सुनते हैं, उसको…
प्राचीनकाल से ही उत्तराराखण्ड का सम्बन्ध रामभक्ति परम्परा से रहा है. डॉ0 शिवप्रसाद नैथानी के कथनानुसार - श्रीराम कथा के…
रामलीला पर्वतीय प्रदेश उत्तराखण्ड के विभिन्न स्थानों में आयोजित की जाती रही है, जिनमें सर्वप्रथम अल्मोड़ा कुमांउनी रामलीला की जन्मस्थली…
भारत में अब महिलाओं पर अत्याचार, हिंसा और शोषण जैसी अमानवीय घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. पूरे देश में महिलाएं हर…
तिब्बत में भोटान्तिकों का व्यापार वहां की अनेकानेक मंडियों में होता था. इनमें मुख्य तकलाकोट, ज्ञानिमा, गरतोक, चकरा, शिवचिलम, ख्युंग…
जिंदगी का नाम संघर्ष है. जब तक हम जिंदा हैं, हमें संघर्ष करते रहना होगा. सिर्फ मृत व्यक्ति को कोई…
देश की अर्थव्यवस्था में जीडीपी का सर्वाधिक प्रतिशत कमाने वाली कृषि को लेकर जहां एक तरफ देशभर में राजनीति चरम पर…
गढ़वाले मा बाघ लागो,बाघ की डरा… ब्याखूली ए जये घर चैय्ला, अज्याल बाघ की भै डर… गढ़वाल का लोकगीत हो…
दुख ही जीवन की कथा रहीक्या कहूँ आज जो नहीं कही निराला जी की ये पंक्तियाँ जितनी हिंदी काव्य के…
उत्तराखंड की पांच जनजातियों थारू, बोक्सा, भोटिया, जौनसारी और वनराजी में संभवतः सबसे पिछड़ी और कम जनसंख्या वाली जनजाति है…