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कुछ यों होती थी हमारे बचपन की रामलीला

वो भी क्या दिन थे? कोई 12-13 बरस की उमर रही होगी. रामलीला हमारे गांव से 5 मील दूर भवाली…

6 years ago

इस जिस्म में छिपे हैं खजाने कमाल के

सोचो कि अगर किसी अनपढ़ को आई फोन का लेटेस्ट वर्जन आई 12 पकड़ा दिया जाए, तो वह क्या करेगा?…

6 years ago

उत्तराखंड का एक गांव जहां की रामलीला में हनुमान नहीं होते

उत्तराखंड के चमोली जिले में नीति घाटी में बसा एक गांव है द्रोणगिरी. द्रोणगिरी चमोली की जोशीमठ तहसील में आता…

6 years ago

डॉ. शेर सिंह पांगती: पुण्यतिथि विशेष

किसी भी अनजान क्षेत्र में जब आप घूमने जाते हैं तो पहले पहल लोग आपसे घुलते मिलते नहीं. ऐसे ही…

6 years ago

वाराही देवी: आदि शक्ति स्वरूपिणी मां के धाम का इतिहास

कूर्मांचल में काली कुमाऊँ लोहाघाट से हल्द्वानी जाने वाले सड़क मार्ग पर पेंतालिस किलो मीटर की दूरी पर पौराणिक धार्मिक…

6 years ago

यूं ही पहाड़ी संक्रांतियों को इतना महत्त्व नहीं देते हैं

क्या आपने कभी सोचा कि क्यों महीनों की संख्या 12 और राशियां भी 12 ही हैं! और हम अक्सर जिन…

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गुलाबी धूप में सना हुआ नींबू खाने का आनन्द एक पहाड़ी ही बता सकता है

सर्दियों में दुनिया भर में अलग अलग जगह के लोगों के अलग-अलग शगल हुये हैं. गुनगुनी धूप सेकना इनमें सबसे…

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कुटुर: परदेश रहने वाले बच्चों के लिये ईजा के प्यार की पोटली

बेटे के परदेश और बेटी के ससुराल जाने की पुरानी रवायत पहाड़ों में रही है. बेटों को बड़े शहर भेजना…

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जिंदे को लात, मरे को भात: एक उत्तराखंडी लोककथा

एक गांव में एक बहुत बूढ़ा अपने छोटे लड़के, बहू और अपनी औरत के साथ रहता था. उसके दो लड़के…

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बैरासकुण्ड: जहां रावण ने मुण्डों की आहूति देकर ब्रह्मा जी को रिझाया था

उत्तराखण्ड के जिस स्थान पर रावण ने मुण्डों की आहूति देकर पितामह ब्रह्मा को रिझाया था, उस स्थान का नाम…

6 years ago