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भिटौली से जुड़े कुमाऊनी लोकगीत

कुमाऊँ में प्रथा है कि चैत महिने में कन्या का भाई उसके लिए भेंट लेकर जाता है, जिसमें अपनी सामर्थ्य…

5 years ago

यह कविता तुम्हें हारने नहीं देगी

विलियम अर्नेस्ट हेनली की कविता इन्विक्टस (Invictus) के बारे में कहते हैं कि यह वह कविता है, जिसने 27 बरस…

5 years ago

दानै बाछरै कि दंतपाटी नि गणेंदन्: मातृभाषा दिवस विशेष

ऊंकू बामण बिर्तिकु काम छाई. कौ-कारज, ब्यौ-बरात, तिरैं-सराद मा खूब दान मिल्दु छाई. बामण भारि लद्दु-गद्दु बोकिक घौर लौटद छा.…

5 years ago

आई भगवान ज्यूनै छन: मातृभाषा दिवस विशेष

पैली जमान में धार्मिक विश्वास आदिमूं लिजी भौत ठुल सहार हुंछी. जब लै कोई प्राकृतिक आपदा उनूंकैं दुखी और परेशान…

5 years ago

बोलने वाला शायर बनने का मंतर

“क्या हुआ चचा जान? बड़े बेउम्मीद-बेसहारा से दिख रहे हो!”(Shayar Satire by Priy Abhishek) “यार, शेर लिख-लिख कर मर गया;…

5 years ago

उत्तराखंड के पहले करोड़पति परिवार की दास्तां

पिथौरागढ़ की धरती में एक ऐसा व्यापारी परिवार भी रहा जो अद्वितीय था. वह था मालदार परिवार. आज तो यह…

5 years ago

अपनी दुधबोली से एक परिचय

कुमाऊनी भाषा उत्तराखंड के कुमाऊँ मण्डल के छह जनपदों में बोली जाती है. इसके अलावा देश के विभिन्न भागों में…

5 years ago

रूपकुंड यात्रा मार्ग पर स्थित मखमली घास वाला आली बुग्याल

सुबह नाश्ते के बाद अगले पड़ाव के लिए सभी ने अपने रकसैक कंधों पर डाल लिए. दिन के खाने के…

5 years ago

दूर पहाड़ों में बसे मेरे गांव में भी आ गया होगा वसंत

दूर पहाड़ों में बसे मेरे गांव में भी आ गया होगा वसंत. शायद इसीलिए कई दिनों से मेरा मन बेचैन…

5 years ago

प्रस्तावित पंचेश्वर बांध से जैव-विविधता पर पड़ने वाले प्रभावों पर एक रपट

7 फरवरी में चमोली में आए सैलाब ने हिमायली राज्यों में हो रहे प्रकृति के दोहन पर एक नयी बहस…

5 years ago