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जोहार घाटी की जीवनदायिनी जड़ी-बूटियां और खुशबूदार मसाले

गोरी गंगा नदी पर बसी नयनाभिराम घाटी है जोहार की उपत्यका. जो घिरी है पंचचूली, राजखंबा, हंसलिंग और छिपलाकेदार पर्वत…

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18 मई की सुबह खुलेंगे बद्रीनाथ के कपाट

टिहरी राजपरिवार और बद्रीनाथ धाम की धार्मिक परम्पराएं   आदि गुरू शंकराचार्य द्वारा आठवीं शताब्दी के मध्य में बद्रीनाथ स्थित…

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बिना लगन और पैट के होते हैं आज पहाड़ियों के काजकाम: उत्तराखंड में बसंत पंचमी

उत्तराखंड में बंसत पंचमी का दिन सबसे पवित्र दिनों में माना जाता है. कई स्थानों में इसे स्थानीय भाषा में…

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रूपकुंड यात्रा के शुरुआती दिन

चमोली जिले में एतिहासिक धार्मिक राजजात यात्रा का एक पड़ाव है लोहाजंग. नौटी से शुरू होने वाली यह पदयात्रा करीब…

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एक कविता जो आपको कभी गिरने न देगी

कुछ कविताएं एक ही बार पढ़ने के बाद भी हमारे मानस पटल पर हमेशा के लिए अंकित हो जाती हैं.…

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परदेस में रहने वाले पहाड़ी को पत्नी की प्यार भरी चिठ्ठी

परदेस को चिठ्ठी लिखने का भी कोई कायदा होता होगा. बाबू ने ही तो कहा था - "दुःख में जो-जो…

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स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान एक उत्तराखंडी स्वतंत्रता सेनानी की जेल की यादें

बात सन् 1921-22 की है. तब मेरी उम्र लगभग 5 वर्ष होगी. हम अपने गाँव (नौगाँव, पो. कफड़ा, विकास खण्ड…

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जब पंडित हरिकृष्ण पन्त और पॉलफोर्ड ने उत्तराखंड को बिरही गंगा में आई भयानक बाढ़ से बचाया

9 सितम्बर का दिन था और साल था 1893. अलकनंदा की सहायक नदी बिरही गंगा लगभग 5000 मिलियन टन की…

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गढ़वाली और कुमाऊनी लोरियां

बचपन में माँ, दादी-नानी से सुने गीतों (लोरियों) की कुछ अस्पष्ट पंक्तियां आज भी दिल की अतल गहराइयों में तैर…

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विरासत में मिलने वाली लोक कला ‘ऐपण’ की पृष्ठभूमि

उत्तराखंडी लोक कला के विविध आयाम हैं. यहाँ की लोक कला को ऐपण कहा जाता है. यह अल्पना का ही…

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