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बागेश्वर के मोहन जोशी की बांसुरी का सफ़र

बचपन में यदा-कदा बुड़-माकोट (पिताजी के ननिहाल) जाना होता था. वहां बगल के पाथरनुमा दोमंजिले घर की खिड़की पर रिश्ते…

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बहुत कुछ घुमड़ रहा था उसकी आँखों में

बहुत कुछ घुमड़ रहा था उसकी आँखों में. आँखों में देखकर बातें नहीं कर रहा था वो. सामने मेज पर…

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पहाड़ों में नवरात्र के दिनों की यादें

सरादों के बाद नवरात्र शुरु हो जाते हैं. इन दिनों असोज का काम यानि फसल समेटने का काम कुछ कम…

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कहानी : बीस साल बाद

-ओ हेनरी एक पुलिस अधिकारी बड़ी फुर्ती से सड़क पर गश्त लगा रहा था. रात के अभी मुश्किल से 10…

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ईदगाह : मुंशी प्रेमचंद की यादगार कहानी

1 रमजान के पूरे तीस रोजों के बाद ईद आयी है. कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभाव है. वृक्षों पर अजीब…

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अनुपमा का प्रेम

ग्यारह वर्ष की आयु से ही अनुपमा उपन्यास पढ़-पढ़कर मष्तिष्क को एकदम बिगाड़ बैठी थी. वह समझती थी, मनुष्य के…

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कहानी : कोतवाल का हुक्का

आज सुबह तीन पानी के पास उस फ़कीर की लाश मिली थी. कुछ दिन से शहर में एक फ़कीर को…

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नैनीताल के डुट्याल व उनसे जुड़े रोचक किस्से

डुट्याव या डुट्याल शब्द जेहन में आते ही एक बेवकूफ, बेशऊर, बदनुमा से इन्सान का चित्र उभरता है- पसीने से…

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गर्जिया मंदिर के भीतर ‘मां गर्जिया’ की कुछ अद्भुत तस्वीरें

कोसी नदी के शांत और दिलकश तट पर स्थित है गिरिराज हिमालय की पुत्री ‘गर्जिया’ का पावन स्थल.  ढिकुली और…

4 years ago

हमारे दिमाग़ पर फेसबुक का अनधिकृत कब्जा

हाल ही में फेसबुक और उसकी संतानें, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम, रात करीब 6 घंटे तक बंद रहे. इन सोशल मीडिया…

4 years ago