इतिहास

उत्तराखंड में मौजूद अशोक के शिलालेख में क्या लिखा है?

उत्तराखंड के देहरादून ज़िले में यमुना और टोंस नदियों के संगम के समीप स्थित कालसी वह स्थान है जहाँ भारत…

1 month ago

जब रुद्रचंद ने अकेले द्वन्द युद्ध जीतकर मुगलों को तराई से भगाया

अल्मोड़ा गजेटियर किताब के अनुसार, कुमाऊँ के एक नये राजा के शासनारंभ के समय सबसे पहला कार्य बालेश्वर में महादेव…

2 months ago

तो ऐसे बनती थी लखु उडियार जैसी प्रागैतिहासिक पेंटिंग्स

आपने अल्मोड़ा से आगे पिथौरागढ़ जाते हुए लखु उडियार का नाम तो सुना ही होगा, या शायद उस जगह से…

3 months ago

चंद राजाओं का शासन : कुमाऊँ की अनोखी व्यवस्था

चंद राजाओं के समय कुमाऊँ का शासन बहुत व्यवस्थित माना जाता है. हर गाँव में एक पधान होता था, जिसके…

10 months ago

अंग्रेजों के जमाने में नैनीताल की गर्मियाँ और हल्द्वानी की सर्दियाँ

(1906 में छपी सी. डब्लू. मरफ़ी की किताब ‘अ गाइड टू नैनीताल एंड कुमाऊं’ में आज से कोई 120 बरस पहले के कुमाऊं-गढ़वाल के…

1 year ago

1886 की गर्मियों में बरेली से नैनीताल की यात्रा: खेतों से स्वर्ग तक

(1906 में छपी सी. डब्लू. मरफ़ी की किताब ‘अ गाइड टू नैनीताल एंड कुमाऊं’ में आज से कोई 120 बरस…

1 year ago

रूद्रपुर नगर का इतिहास

रूद्रपुर, उत्तराखंड का एक प्रमुख शहर, अपनी सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक परिवर्तनों के लिए प्रसिद्ध है. उधम सिंह नगर जिले…

1 year ago

1982 में गोपेश्वर

इस शताब्दी के पांचवें दसक के अन्त में आ चीनी विस्तारवादी ड्रेगन के खूनी पंजों में फंस कर जब तिब्बत…

1 year ago

सुदर्शन शाह बाड़ाहाट यानि उतरकाशी को बनाना चाहते थे राजधानी

-रामचन्द्र नौटियाल अंग्रेजों के रंवाईं परगने को अपने अधीन रखने की साजिश के चलते राजा नेे मन मसोसकर टिहरी को…

2 years ago

गढ़वाली चित्रकला की विशेषताएं

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree गढ़वाल के चित्र भी कांगड़ा के समान ही…

2 years ago