संस्कृति

समृद्धि और सीमा के रक्षक देवता हरू-सैम के जन्म की कथा

औन हरू हरपट, जौन हरू खड़पट कुमाऊं में प्रचलित इस लोकोक्ति का अर्थ है हरू, आये हरियाली लाये, हरू जाये…

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डाना गैराड़ के कलबिष्ट देवता की जागर सुनिए

कुमाऊँ और गढ़वाल के पहाड़ों में प्रचलित जागर पूर्वजों की आत्माओं का आह्वान करने की पुरानी परम्परा है. आम तौर…

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मेरि ड्यूटि बौडरा, घर में छू मेरि ईजा भौतै बिमारा – उदित नारायण का गाया पहाड़ी गीत

पहाड़ और फ़ौज का सम्बन्ध बहुत पुराना और अन्तरंग रहा है. पहले विश्वयुद्ध के समय से ही कुमाऊँ-गढ़वाल के वीरों…

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‘न्यौली’ के बिना अधूरा है उत्तराखंड का लोकगीत

उत्तराखंड में जब भी लोकगीतों की बात होती है तो न्यौली अपना एक विशेष महत्व रखती है. न्यौली को न्योली…

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गीत आपने सुना होगा आज जानिये कहाँ है घाम वाला असल छाना बिलौरी

झन दीया बोज्यू छाना बिलौरी लागला बिलौरी का घामा हाथे कि कुटली हाथे में रौली नाके की नथुली नाके में…

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ऐड़ी देवता : ऊंचे शिखरों पर शिकार खेलने वाला देवता

उत्तराखंड के लोक देवताओं में एक प्रचलित नाम ऐड़ी या ऐड़ा देवता का है. कुमाऊं में अनेक चोटियों के शिखर…

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नौलिंग देवता और सनगड़िया मसाण की कहानी

भगवान मूल नारायण ने अपने दोनों पुत्रों बज्यैण और नौलिंग को अपने से समान दूरी पर भनार और सनगाड़ भेजा…

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जब नन्दा देवी ने बागनाथ देव को मछली पकड़ने वाले जाल में पानी लाने को कहा

मां नंदादेवी जितना अपनी करुणा और ममता के लिये जानी जाती हैं उतना ही अपने क्रोध के लिये भी विख्यात…

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चले गए गिरीश कर्नाड

वे जब भी दिखाई दिए हमेशा एक गुरु गंभीर छवि में दिखाई दिए - बहुत बारीकी से जीवन का संधान…

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बाघनाथ मंदिर में सूरज की मूर्ति और सूरज के ऊंचे बूट

गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं. पहाड़ों में इन दिनों दिल्ली और अन्य बड़े शहरों के बच्चे ठंडी हवा…

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