संस्कृति

झोड़ा : प्रेम और श्रृंगार से भरा नृत्यगान

अल्मोड़ा-रानीखेत-सोमेश्वर-द्वाराहाट क्षेत्र में झोड़ा एक लोकप्रिय नृत्यगान शैली है. झोड़ा चांचरी का ही परवर्ती रूप लगता है. झोड़ा हिंदी के…

7 years ago

घर की देहली पर बनाये जाने वाले ऐपण

ऐपण कुमाऊनी आलेखन परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह कुमाऊँ के लोकजीवन व धार्मिक आयोजनों का महत्वपूर्ण पक्ष है.…

7 years ago

रंगवाली पिछौड़ा : कुमाऊनी महिलाओं की पहचान

उत्तराखंड का परम्परागत परिधान आदर्शतः वहां के वासिंदों की जीवन शैली के साथ ही वहां की प्रजातीय समुदाय की विशिष्ट…

7 years ago

पिथौरागढ़ की सौर्याली और काली पार डोटी अंचल की साझी झलक है कबूतरी देवी के गीतों में

कबूतरी देवी का उत्तराखण्ड और हिमालयी इलाके के लोक संगीत में एक बहुत बड़ा नाम रहा है. मधुर और खनकती…

7 years ago

आज उत्तराखण्ड की लोकगायिका कबूतरी देवी की पुण्यतिथि है

कबूतरी देवी - (1945 से 07 जुलाई 2018) आज कबूतरी देवी जिंदा होती तो? बीमारी की वजह से अस्पताल के…

7 years ago

उत्तराखंड के वैवाहिक रीति-रिवाज में विशेष महत्व है समधी-समधिन का

कुमाऊं और गढ़वाल में बहुत सी ऐसी परम्परा और रीतियां हैं जो अब हमें केवल किताबों में देखने को मिलती…

7 years ago

रोपणी के खेत से जीतू को हर ले गयी आंछरियां

इन दिनों पहाड़ के गांवों के खेतों में रोपाई अर्थात रोपणी की जा रही है. अषाढ़ के महीने की छः…

7 years ago

शकुनि व फड़का नदी के संगम पर बना कपिलेश्वर महादेव मंदिर

दोपहर का समय होगा जब अचानक ही मेरा प्लान कपिलेश्वर महादेव के मंदिर जाने का बन गया और मैं निकल…

7 years ago

बैगा हुड़किया द्वारा कही गयी काला भंडारी की कहानी

पहाड़ की कहानियां जो पिछली सदी में बैगा हुड़किया ने सुनाई थी पादरी ई एस ओकले और तारा दत्त गैरोला…

7 years ago

माँ नंदा के भाई लाटू देवता के मंदिर में पुजारी आंखों में पट्टी बांधकर करता है पूजा

लाटू देवता को उत्तराखण्ड की अनन्य इष्ट देवी नंदा का धर्म भाई माना जाता है. इसलिए माँ नंदा को पूजे…

7 years ago