पर्यावरण

उत्तराखण्ड का राज्य पुष्प: ब्रह्म कमल

ब्रह्म कमल का वानस्पतिक नाम (Sassurea Obvallata) है. यह ऐस्टेरेसी (Asteraceae) परिवार का पौंधा है. सूरजमुखी, डहलिया, भृंगराज, कुसुम और…

7 years ago

उत्तराखण्ड का राज्य वन पशु: कस्तूरी मृग

उत्तराखण्ड राज्य में पाए जाने वाले कस्तूरी मृग प्रकृति के सुंदरतम जीवों में से एक हैं. यह 2-5 हजार मीटर…

7 years ago

अपने हिमालय की चोटियों को पहचानिए – त्रिशूल

( पोस्ट को नीरज पांगती की आवाज़ में सुनने के लिए प्लेयर पर क्लिक करें ) हिमालय की तीन सुन्दर…

7 years ago

अपने हिमालय की चोटियों को पहचानिए – नन्दा देवी

नन्दा देवी की चोटी भारत की दूसरी सबसे बड़ी हिमालयी चोटी है. पूरी तरह भारत में स्थित यह देश की सबसे…

7 years ago

उत्तराखण्ड के मशहूर शिकारी ठाकुरदत्त जोशी और कतनिया का गुलदार

जिला अल्मोड़ा के अंतर्गत बिनसर-धौलछीना मोटर मार्ग के पास ग्राम कतनिया नैल एक स्वच्छ, सुंदर व संपन्न गाँव है जहां…

8 years ago

हिमालय के युवाओं को एक धागे में बांधने का प्रयास : ‘पहाड़ और हम’

हिमाचल प्रदेश के पालमपुर के पास एक गाँव में बसा है संभावना संस्थान . संभावना एक शैक्षणिक संस्थान है. पालमपुर…

8 years ago

उत्तराखंड में बीज बचाओ आन्दोलन

80 के दशक तक उत्तराखंड के पहाड़ों में भी हरित क्रान्ति ने जोर पकड़ लिया था. पहाड़ों में सरकारी व…

8 years ago

पेड़ों के तने मेरी किताब के पन्ने हैं – वृक्ष मानव सकलानी

वृक्ष मानव का निधन विश्वेश्वर दत्त सकलानी ने आठ साल की उम्र में अपने जीवन का पहला पौधा लगाया था. 96…

8 years ago

पचास लाख पेड़ लगाने वाले मसीहा का जाना

कल यानी बीते शुक्रवार को उत्तराखंड के ‘वृक्ष मानव’ (Tree Man) के नाम से विख्यात श्री विश्वेश्वर दत्त सकलानी (Vishweshwar…

8 years ago

दो हजार साल पहले पिथौरागढ़ के तीन ओर था एक सरोवर

वह सरोवर बचपन में अपने “मुलुक’ (Pithoragarh) के बारे में पूछता था तो दादी बताती थीं एक ऐसे मैदान के…

8 years ago