कॉलम

कल रात हुई बर्बर हिंसा पर जेएनयू छात्र संघ का बयान

दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्विद्यालय में बीती रात छात्रों और शिक्षकों पर बर्बर हमला हुआ. यह हमला नकाबपोश गुंडों…

6 years ago

नैनीताल के मामू कबाड़ी, जिन्हें किताबों से है गजब का लगाव

मामू कबाड़ी बस इतना ही परिचय काफी है इनका. मामू कबाड़ी को नैनीताल का हर बाशिंदा जानता है. कबाड़ बेचकर…

6 years ago

उत्तराखंड में अनाज की माप के पारंपरिक बर्तन

ताँबे के बर्तन में रखा पानी शुद्धता और स्वाद के लिहाज से सबसे अच्छा माना जाता. वहीं लोहे की कढ़ाई साग…

6 years ago

क्या उत्तराखण्ड में कांग्रेस पार्टी खत्म होने की कगार पर है

जिस तरीके से आजकल सोशल मीडिया पर लगातार कांग्रेस के बड़े नेताओं के बयान आ रहे हैं उसको देखकर ऐसा…

6 years ago

पहाड़ में पेड़-पौधों के रेशों से बनने वाले उत्पाद

पहाड़ में अनेक पेड़-पौंधों से रेशा निकला जाता जिनमें रामबांस, भाँग, बबिला, मालू, मूँज, मोथा, अल, उदाल, धान का पुवाल,…

6 years ago

नैनीताल में अभी-अभी हुई बर्फ़बारी की तस्वीरें

नैनीताल अपनी सुंदरता के लिये विश्वविख्यात है. बर्फ़बारी के बाद इसकी सुन्दरता और भी बढ़ जाती है. पिछले कुछ दिनों…

6 years ago

सामूहिकता का रिवाज – गीता गैरोला की कहानी स्मिता कर्नाटक की आवाज में

हमारी नियमित लेखिका गीता गैरोला ने आपको अनेक मनभावन कहानियां सुनाई हैं. हाल ही में हमने उनकी मशहूर किताब ‘मल्यो…

6 years ago

शाहीन बाग जैसे प्रतिरोध लोकतांत्रिक देश के लिए जरूरी हैं

दिल्ली पहुँचते ही सबसे पहले लोकतंत्र में अपने हक़ों की लड़ाई की उस ख़ूबसूरत तस्वीर को देखने शाहीन बाग आया…

6 years ago

चांचड़ी: उत्तराखंडी लोकसंस्कृति की रीढ़

मनुष्य का समभाव होना बुद्धत्व को प्राप्त कर लेना है. निर्वाण प्राप्त करना है, जिसमें जाति-धर्म, ऊंच-नीच, अगड़ा-पिछड़ा, महिला-पुरुष छोटा-बड़ा…

6 years ago

तिजोरी से कम राज नहीं हैं आमा के भकार में

पहाड़ों में ज्यादा मात्रा में अनाज को भकार में रखा जाता. तुन, चीड़ और देवदार के तख्तों या पटलों से…

6 years ago