कॉलम

उत्तराखंड की महिलाओं को भी माहवारी के दौरान मानसिक यातना से गुज़रना होता है

स्कूल की घंटी बजते ही सभी बच्चे अपनी-अपनी कक्षाओं में दौड़ जाते हैं. सातवीं कक्षा की स्वाति (काल्पनिक नाम) भी…

6 years ago

पुस्तक मेले से लौटे कविराज नूर बहोड़ापुरी भारी अवसाद में हैं

कविराज नूर बहोड़ापुरी के बारे में ख़बर मिली कि पुस्तक मेले से लौट कर वे भारी अवसाद (डिप्रेशन) में चले…

6 years ago

बाबिल घास : पहाड़ की बहुउपयोगी घास

बाबिल, जिसे गढवाल क्षेत्र में बाबड़ नाम से भी जाना जाता है, पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टानों पर उगने वाली एक…

6 years ago

पुरिया नैथानी : जिनके कारण औरंगजेब ने गढ़वाल को जजिया कर से मुक्त किया

मध्यकालीन गढ़वाल की राजनीति जिसे गढ़ नरेशों के युग से भी जाना जाता है, में कुछ असाधारण व्यक्तियों ने अपनी…

6 years ago

पहाड़ के लोगों को बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलाने वाली ख़ास बंदूक

कुछ सालों से पहाड़ी जिलों में बंदरों का आतंक और ज्यादा बढ़ गया है. बंदर फसल और बागबानी को चौपट…

6 years ago

काली नदी की नरभक्षी मछली और चिता से तीन बार वापस आये नेपाली बुबू का किस्सा

टीवी में बहुत ही रोचक कार्यक्रम आ रहा था  जिसका विषय था-दानव मछली.  यानी ऐसी बड़ी-बड़ी मछलियाँ जो रहती तो…

6 years ago

हैड़ाखान बाबा की हत्या के आरोप में किशोर बाबा को गिरफ्तार किया गया था

तमाम जुड़ावों के बीच पद्मा दत्त पांडे के साथ बाबा हैड़ाखान को लेकर मेरा मतैक्य नहीं हो सका. वे 1970…

6 years ago

बागेश्वर से सिनला दर्रे की दुर्गम यात्रा की शुरुआत

वर्ष 2001 में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से एडवांस कोर्स करने के बाद प्रातःकालीन भ्रमण का एक नियम सा बन गया…

6 years ago

जम्बू, गंद्रेणी के छौंक से ही होती है असली पहाड़ी रिस्यार की पहचान

भात के साथ पोषण, ताकत और ठण्डी-गर्मी की परेशानियों से बचाने को बहुत सारी पहाड़ी दालों, सब्जियों और मसालों का…

6 years ago

पहाड़ के स्कूलों में जाड़ों की छुट्टियां और बचपन

को ऑफिस से ज़रा जल्दी रुखसत होने की खुशी ज़रूर होती मगर बाहर कदम रखा तो देखा कि अच्छी खासी…

6 years ago