कॉलम

हमारी दुधबोली के संरक्षक मथुरादत्त मठपाल का जन्मदिन है आज

रामनगर में पंपापुरी में स्थित एक सामान्य से घर की पहली मंजिल पर स्थित एक कमरे में जब आप जाते…

6 years ago

एक तीतर को लेकर हुए घमासान में एक परिवार के उजड़ने की लोककथा

कल हमने आपको कुमाऊँ और पश्चिमी नेपाल की लोककथाओं पर आधारित ई. शर्मन ओकले और तारादत्त गैरोला की 1935 में छपी…

6 years ago

प्रकृति से प्यार करने वाला युवा पहाड़ी किसान : चंदन सिंह नयाल

नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक में एक गाँव पड़ता है नाम है नाई. नाई गांव में अभी कुछ साल पहले…

6 years ago

खुद पर यकीन करोगे, तो कामयाबी कदम चूमेगी

सोचने से सब हो सकता है. कुछ भी. अगर हम पूरे विश्वास और भक्ति के साथ सड़क पर पड़े किसी…

6 years ago

बहादुर पहाड़ी बेटा और दुष्ट राक्षसी की कथा

ई. शर्मन ओकले और तारादत्त गैरोला की 1935 में छपी किताब ‘हिमालयन फोकलोर’ में कुमाऊँ और पश्चिमी नेपाल की लोककथाओं…

6 years ago

क्या हम इतने बुरे थे

कल कमाल हो गया. हम लिखते और देखते ही रह गए और हमारा मित्र अमर हो गया. कल आलोचक जी…

6 years ago

दारमा घाटी: स्वर्गारोहण के दौरान जहां पांडवों ने पांच चूल्हे लगाकर अंतिम भोजन बनाया

दारमा घाटी की ख़ूबसूरती की व्याख्या शब्दों में कर पाना बहुत कठिन है. इन तस्वीरों को देखकर आप महसूस कर…

6 years ago

डरे हुये बच्चों की दवा होता था आमा के हाथ का बिंदा

आमा के हाथ का जादू सिर्फ खाने के जायके तक सीमित नहीं था. उसके हाथों ने गॉंव के उन तमाम…

6 years ago

हल्द्वानी वाले बुआ-फूफा जी और उनके स्मार्ट फोन

उनकी गृहस्थी सुन्दर थी. फूफा बुआ को स्कूटर पर घुमाते थे. हर इतवार या छुट्टी के दिन वे दोनों किसी…

6 years ago

पीन सुंदरी: उत्तराखण्ड की नायिका कथा

मेरे एक दोस्त कहते थे महिलाएँ सब एक सी होती हैं. उनका संदर्भ शायद शेक्सपियर के औरत तेरा दूसरा नाम…

6 years ago