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सीएमएस की कुर्सी और सिस्टम का पोस्टमार्टम ?

इन दिनों बागेश्वर जिला अस्पताल भीतर ही भीतर सुलग रहा है. सिस्टम किसी के भी संभालते सँभल नहीं पा रहा…

10 months ago

‘मनमोहन सिंह’ उम्मीदों से भरा सफर :

1991 से देश में आर्थिक क्रांति हुई जो निःसंदेह 1947 में नेहरू द्वारा की गई राजनीतिक क्रांति से कहीं अधिक…

10 months ago

‘भूतगांव’ पहाड़ की नब्ज पकड़ता उपन्यास

पत्रकार -उपन्यासकार नवीन जोशी के उपन्यास पढ़ना, पहाड़ की नब्ज पकड़ कर शिद्दत से उसके हाल-हालात जानना और महसूस करना…

1 year ago

अपनी माटी में बेटी की वापसी

6 सितंबर 2007, एक तारीख जो कैलेंडर में सिर्फ एक दिन थी, पर हमारे जीवन में वह एक अध्याय बन…

1 year ago

गढ़वाल की पांडव लीला

गढ़वाल की एक विस्तृत लोक धार्मिक परंपरा का नाम है पांडव नृत्य. पांडव नृत्य ही ‘पांडव लीला’ भी कहा जाता…

1 year ago

पिथौरागढ़ का प्राचीन इतिहास

आज हम जिस शांत और सुरम्य पिथौरागढ़ जिले को देखते हैं, उसका इतिहास सदियों पुराना और बेहद रोमांचक रहा है.…

1 year ago

रानी विक्टोरिया से इंसाफ मांगने लंदन पहुंचने वाली अवध की रानी ‘मल्लिका-ए-किश्वर’

1857 में ग़दर के साल एक भारतीय महिला ब्रिटेन की खबरों में छाई रही. अगस्त 1856 में उसके कलकत्ता में…

1 year ago

भारत-नेपाल संस्कृति की जीवनरेखा ‘काली नदी’

भारतीय संस्कृति और सभ्यता में नदियाँ सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि सभ्यताओं का आश्रय स्थल और धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्रों का…

1 year ago

ऐसे बीज बिछा रे, सुख चैन उगे दुख दर्द मिटे

पिछली कड़ी : डी एस बी के अतीत में ‘मैं’ डी एस बी मेरे लिए इसलिए भी खास बना रहा…

1 year ago

‘हेमवंती’ जहां मोहब्बत मजबूरी नहीं ताकत बन जाती है

गढ़वाल और कुमाऊं अंचल ने संस्कृति के उन्नयन और उत्थान हेतु नित नए मील के पत्थर खड़े किए हैं, इसी…

1 year ago