कॉलम

पहाड़ की शादियां

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की शादियां और वहां के रीति-रिवाज अपने आप में बहुत अनोखे हैं. समय के साथ शादियों…

11 months ago

सीएमएस की कुर्सी और सिस्टम का पोस्टमार्टम ?

इन दिनों बागेश्वर जिला अस्पताल भीतर ही भीतर सुलग रहा है. सिस्टम किसी के भी संभालते सँभल नहीं पा रहा…

11 months ago

‘मनमोहन सिंह’ उम्मीदों से भरा सफर :

1991 से देश में आर्थिक क्रांति हुई जो निःसंदेह 1947 में नेहरू द्वारा की गई राजनीतिक क्रांति से कहीं अधिक…

11 months ago

‘भूतगांव’ पहाड़ की नब्ज पकड़ता उपन्यास

पत्रकार -उपन्यासकार नवीन जोशी के उपन्यास पढ़ना, पहाड़ की नब्ज पकड़ कर शिद्दत से उसके हाल-हालात जानना और महसूस करना…

1 year ago

अपनी माटी में बेटी की वापसी

6 सितंबर 2007, एक तारीख जो कैलेंडर में सिर्फ एक दिन थी, पर हमारे जीवन में वह एक अध्याय बन…

1 year ago

गढ़वाल की पांडव लीला

गढ़वाल की एक विस्तृत लोक धार्मिक परंपरा का नाम है पांडव नृत्य. पांडव नृत्य ही ‘पांडव लीला’ भी कहा जाता…

1 year ago

पिथौरागढ़ का प्राचीन इतिहास

आज हम जिस शांत और सुरम्य पिथौरागढ़ जिले को देखते हैं, उसका इतिहास सदियों पुराना और बेहद रोमांचक रहा है.…

1 year ago

रानी विक्टोरिया से इंसाफ मांगने लंदन पहुंचने वाली अवध की रानी ‘मल्लिका-ए-किश्वर’

1857 में ग़दर के साल एक भारतीय महिला ब्रिटेन की खबरों में छाई रही. अगस्त 1856 में उसके कलकत्ता में…

1 year ago

भारत-नेपाल संस्कृति की जीवनरेखा ‘काली नदी’

भारतीय संस्कृति और सभ्यता में नदियाँ सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि सभ्यताओं का आश्रय स्थल और धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्रों का…

1 year ago

ऐसे बीज बिछा रे, सुख चैन उगे दुख दर्द मिटे

पिछली कड़ी : डी एस बी के अतीत में ‘मैं’ डी एस बी मेरे लिए इसलिए भी खास बना रहा…

1 year ago