कॉलम

नीब करौरी धाम को क्यों कहते हैं ‘कैंची धाम’?

अगर आप कभी नैनीताल या अल्मोड़ा की तरफ़ यात्रा पर निकले हों तो रास्ते में “कैंची धाम” का नाम ज़रूर…

7 months ago

“घात” या दैवीय हस्तक्षेप : उत्तराखंड की रहस्यमयी परंपराएँ

उत्तराखंड की पहाड़ियाँ जितनी शांत और सुंदर हैं, उतनी ही रहस्यमय भी. यहाँ के गाँवों में आज भी कुछ परंपराएँ…

7 months ago

अद्भुत है राजा ब्रह्मदेव और उनकी सात बेटियों के शौर्य की गाथा

बहुत समय पहले कत्यूरगढ़ के सुंदर किले पर एक वीर और रूपवान राजा ब्रह्मदेव राज करते थे. उनके पिता का…

7 months ago

कैंची धाम का प्रसाद: क्यों खास हैं बाबा नीम करौली महाराज के मालपुए?

उत्तराखंड के नैनीताल ज़िले में स्थित कैंची धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है. बाबा…

7 months ago

जादुई बकरी की कहानी

बहुत समय पहले की बात है. एक राज्य में एक राजा और उसकी रानी रहते थे. उनकी एक ही बेटी…

7 months ago

तो ऐसे बनती थी लखु उडियार जैसी प्रागैतिहासिक पेंटिंग्स

आपने अल्मोड़ा से आगे पिथौरागढ़ जाते हुए लखु उडियार का नाम तो सुना ही होगा, या शायद उस जगह से…

7 months ago

आप कितना जानते हैं नैनीताल के भाबर की नदियों को

ब्रिटिश काल में तैयार किए गए गजेटियर स्थानीय भूगोल, इतिहास और संसाधनों का अद्भुत खजाना हैं. ये दस्तावेज उस जमाने…

7 months ago

नगरूघाट मेला : यहाँ लगती है “मितज्यू” की अनूठी डोर

उत्तराखंड की मिट्टी में लोक परंपराओं की खुशबू रची-बसी है. हर पर्व, हर मेला यहाँ सिर्फ उत्सव नहीं होता, बल्कि…

8 months ago

सरोल विवाह पद्धति: बिना दूल्हे वाली बारात की परम्परा

उत्तराखंड का कुमाऊं अंचल अपनी अनूठी और प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाना जाता है. समय के साथ यहां के…

8 months ago

बदलते दौर में भी कुमाऊं के गाँवों ने जिंदा रखी हैं अपनी प्राचीन परंपराएं

उत्तराखंड राज्य में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत और पिथौरागढ़ जिलों में रहने वाले लोग कुमाऊनी कहलाते हैं. नैनीताल जिले के पर्वतीय…

8 months ago