प्रो. मृगेश पाण्डे

भोट-तिब्बत व्यापार में दोस्ती और जुबान की कीमत

तिब्बत में भोटान्तिकों का व्यापार वहां की अनेकानेक मंडियों में होता था. इनमें मुख्य तकलाकोट, ज्ञानिमा, गरतोक, चकरा, शिवचिलम, ख्युंग…

2 years ago

छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : आ चल के तुझे, मैं ले के चलूँ, इक ऐसे गगन के तले

पिछली कड़ी : छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : हवाओं पै लिख दो हवाओं के नाम हवाएं बिल्कुल सर्द हैं, हिमकणों की फुहार…

2 years ago

छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : हवाओं पै लिख दो हवाओं के नाम

पिछली कड़ी : छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : जिंदगानी के सफर में हम भी तेरे हमसफ़र हैं भटियाखान के इस तप्पड़ से…

2 years ago

छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : जिंदगानी के सफर में हम भी तेरे हमसफ़र हैं

पिछली कड़ी : छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : दिशाएं देखो रंग भरी, चमक भरी उमंग भरी हम अब उस तिकोने से पहाड़…

2 years ago

कुमाउँनी बोलने, लिखने, सीखने और समझने वालों के लिए उपयोगी किताब

1980 के दशक में पिथौरागढ़ महाविद्यालय के जूलॉजी विभाग में प्रवक्ता रहे पूरन चंद्र जोशी. लम्बे कद के शांत मृदुभाषी,…

2 years ago

छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : दिशाएं देखो रंग भरी, चमक भरी उमंग भरी

पिछली कड़ी : छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : दिल के चमन को खिलाता है कोई छिपला जाने के लिए बरम वाला रास्ता…

2 years ago

“जलवायु संकट सांस्कृतिक संकट है” अमिताव घोष

2024 का लब्ध प्रतिष्ठित "इरेमस" पुरस्कार प्रख्यात रचनाकार अमिताव घोष को प्रदान किया गया है. यह इस सन्दर्भ में अत्यंत…

2 years ago

“चांचरी” की रचनाओं के साथ कहानीकार जीवन पंत

नैनीताल रईस होटल में रहते थे, गोरखा लाइन हाई स्कूल के नीचे, कृष्णापुर जाने वाले रास्ते के बायीं ओर. कोई…

2 years ago

जंगल बचने की आस : सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को चेतावनी दी है कि वह उसके द्वारा दी गई वनों की…

2 years ago

जनजाति विकास : मध्यवर्ती तकनीक, बेहतर भी कारगर भी

परंपरा से संजोया शिल्प व कौशल, भले ही वह मिट्टी के बर्तन हों या ऊन से बने परिधान, सजावट के…

2 years ago