प्रो. मृगेश पाण्डे

कुमाउनी भाषा आर्य व अनार्य भाषाओं का मिश्रण मानी गई

कुमाउनी शब्द सम्पदा की विपुलता, विविधता और सामर्थ्य के प्रसंग में लब्ध प्रतिष्ठित भाषा शास्त्रियों का मत है कि कभी-कभी तो…

11 months ago

‘मनमोहन सिंह’ उम्मीदों से भरा सफर :

1991 से देश में आर्थिक क्रांति हुई जो निःसंदेह 1947 में नेहरू द्वारा की गई राजनीतिक क्रांति से कहीं अधिक…

12 months ago

ऐसे बीज बिछा रे, सुख चैन उगे दुख दर्द मिटे

पिछली कड़ी : डी एस बी के अतीत में ‘मैं’ डी एस बी मेरे लिए इसलिए भी खास बना रहा…

1 year ago

डी एस बी के अतीत में ‘मैं’

तेरा इश्क मैं  कैसे छोड़ दूँ? मेरे उम्र भर की तलाश है... ठाकुर देव सिंह दान सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय,…

1 year ago

हो हो होलक प्रिय की ढोलक : पावती कौन देगा

दिन गुजरा रातें बीतीं और दीर्घ समय अंतराल के बाद कागज काला कर मन को चटक बना, होठों पे मुस्कान…

2 years ago

कलबिष्ट : खसिया कुलदेवता

किताब की पैकिंग खुली तो आकर्षक सा मुखपन्ना था, नीले से पहाड़ पर सफेदी के स्ट्रोक, गाढ़े हरे पीले बसंती…

2 years ago

मुसीबतों के सर कुचल, बढ़ेंगे एक साथ हम

पिछली कड़ी : बहुत कठिन है डगर पनघट की ब्रह्मपुरी की बात चली थी उन दिनों उत्तराखंड के भूगोल पर…

2 years ago

अर्थ तंत्र -विषमताओं से परिपक्वता के रास्तों पर

भारत की अर्थव्यवस्था विषमताओं के अनेक दुश्चक्रोँ का सामना कर रही है. विकसित देश अपरंपरागत आर्थिक नीतियों से आतंकित कर…

2 years ago

हमारे कारवां का मंजिलों को इंतज़ार है : हिमांक और क्वथनांक के बीच

मौत हमारे आस-पास मंडरा रही थी. वह किसी को भी दबोच सकती थी. यहां आज उसी का राज था. हमारे…

2 years ago

बहुत कठिन है डगर पनघट की

पिछली कड़ी : साधो ! देखो ये जग बौराना इस बीच मेरे भी ट्रांसफर होते रहे जहाँ भेजा चला गया…

2 years ago