देवेन मेवाड़ी

‘भूतगांव’ पहाड़ की नब्ज पकड़ता उपन्यास

पत्रकार -उपन्यासकार नवीन जोशी के उपन्यास पढ़ना, पहाड़ की नब्ज पकड़ कर शिद्दत से उसके हाल-हालात जानना और महसूस करना…

7 months ago

लोक देवता लोहाखाम

आइए, मेरे गांव के लोक देवता लोहाखाम के पर्व में चलते हैं. यह पूजा-पर्व ग्यारह-बारह साल में मनाया जाता है.…

12 months ago

आज है बाघ दिवस

आइए बाघ को बाघ और चीते को चीता बोलें. यह क्या बात हुई? बाघ को बाघ और चीते को चीता…

2 years ago

ले कावा दै मैं कें दे भलि-भलि ज्वै

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree आज सत्तर साल बाद यहां दूर बेंगलुरू में…

2 years ago

जीवन संघर्ष का नाम था शैलेश मटियानी

आज 14 अक्टूबर शैलेश मटियानी जी का जन्म दिन है. कभी जब मैं भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा इंस्टिट्यूट), नई…

2 years ago

मसूरी में आलू

दून घाटी से उत्तर दिशा में दूर मसूरी की पहाड़ियों को देख कर भले ही दुनिया को वहां से दिखने…

3 years ago

भुट्टे का मैक्सिको की पहाड़ियों से भारत का सफ़र

हरी थी मन भरी थी लेकिन इतनी महंगी थी कि खरीदी नहीं. पचास रूपए का एक भुट्टा. शिमला में था.…

4 years ago

बरसों पुराना है पालक और पहाड़ियों का साथ

सोचा, चौलाई के दाम आसमान पर हैं तो चलो कोई और हरी सब्जी खोजते हैं जो हमारी जेब पर भारी…

4 years ago

पोषक तत्वों से भरपूर चौलाई की हरी सब्जी

ग्रीष्म ऋतु में हरी सब्जी खाने की ललक के कारण कल सब्जी मंडी से हरा सोना खरीद लाए और उसकी…

4 years ago

वसंत हमारे ही नहीं बल्कि फूलों के भी प्यार का मौसम है

बनन में बागन में बगरो बसंत है! वसंत आ गया है. महाकवि पद्माकर लिख गए हैं- बनने में,बागन में, बगरो…

4 years ago