कला साहित्य

टिकटशुदा रुक्का : जातीय विभेद पर टिके उत्तराखंडी समाज का पाखण्ड

टिकटशुदा रुक्का : जातीय विभेद पर टिके उत्तराखंडी समाज का पाखण्ड-चन्द्रकला ‘नवारुण’ से प्रकाशित नवीन जोशी के नवीनतम उपन्यास ‘टिकटशुदा…

6 years ago

मनोहर श्याम जोशी और हमारा हीरो हरिया हरक्यूलीज़ : पुण्यतिथि विशेष

एक लड़का जिसे उसके नाते-रिश्तेदार समेत उसके आस-पास के पचास कोस तक की सभी जगह में मनहूस माना जाता हो.…

6 years ago

पांच बीघा लम्बे नाम का झंझट

जिन्होंने ‘लोकतांत्रिक’ विश्वविद्यालयों या महाविद्यालयों में रत्ती भर भी पढ़ाई की है, वे छात्र राजनीति में ‘नाम’ के महत्व से…

6 years ago

बुजुर्गों के दिल में बसता है पहाड़

अल्मोड़ा के छोटे से गाँव में रहती थी रजुली ताई. पति सेना में थे तो रजुली ताई भी अपनी जवानी…

6 years ago

बेटे की चाहत का नशा भी न जाने कितने घर उजाड़ देता है

नवरात्र का समय था. हम कुछ दोस्त माँ के दर्शन के लिए गार्जिया मन्दिर गए थे. मन्दिर में दर्शनों के…

6 years ago

उत्तराखंड के कवि पार्थसारथी डबराल का जन्मदिन है आज

हिंदी साहित्य में छायावाद के प्रमुख कवियों में पंत, प्रसाद, निराला व महादेवी वर्मा का नाम सभी जानते हैं लेकिन…

7 years ago

पहाड़ की लड़कियों का पहाड़ सा जीवन

आंगन की भीढ़ी में बैठे-बैठे हरूवा सुबह से पांच बीड़ी फूंक चुका था. बेटी की शादी में महज 10 दिन…

7 years ago

हमारे टैम पर तो अणकस्सै होने वाला ठैरा ‘वैलेन्टाइन डे’

अरे! तुम तो एक हफ्ते में निबटा देने वाले ठैरे ‘वैलन्टाइन डे’ का जश्न,  हमारे टैम पर तो सालों भी…

7 years ago

बीबीसी की तिलिस्मी आवाज़ वाली रेडियो सेवा का अंत

जरा अतीत की बिसरी गलियों में जाइए और भारत का वह दौर याद करने की कोशिश कीजिए, जब घर-घर में…

7 years ago

हिट तुमड़ि बाटे-बाट, मैं कि जानूं बुढ़िया काथ : कुमाऊं की एक लोकप्रिय लोककथा

किसी गांव में एक बुढ़िया थी. बूढी और निर्बल बुढ़िया एक अकेले घर में रहती थी. एक साल जाड़ों के…

7 years ago