समाज

महंगाई की मार पर एक पुराना कुमाऊनी लोकगीत

कुमाऊं और गढ़वाल के क्षेत्र में समसमसामायिक मुद्दों पर गीत कहने और सुनाने की बड़ी पुरानी परम्परा रही है. यहाँ…

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पुरुषों के वर्चस्व वाले परम्परागत पेशे को अपनाने वाली सोमेश्वर की ‘गीता’ की कहानी

हम अक्सर बात करते हैं कि महिलायें आज पुरुषों से कम नहीं हैं. आज महिलाओं ने हर जगह अपनी पैठ…

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पहाड़ों में श्राद्ध के भोजन का अनोखा ही स्वाद होता था

पहले श्राद्ध का गांव में विशेष इन्तजार रहता था . सोलह सरादों में सभी घरों में सराद होता है और…

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ककड़ी चोरी करने वाले को किसी भी प्रकार की गालियां नहीं लगती

चोरी करना बुरी बात है पर यह बात ककड़ी चोरी पर भी लागू हो, कहा नहीं जा सकता. इसलिये तो…

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सनेती का नंदा माई कौतिक जहाँ चाँचरी के आगे रात सुबह में तब्दील हो जाती है

काली नदी में सबसे ज्यादा जलीय योगदान करने वाली सरमूल से निकलने वाली सरयू और डेबरा श्रेणी भटकोट से निकलने…

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कल से शुरू होंगे पितृपक्ष के श्राद्ध

भाद्रपद महीने के समाप्त होने पर आश्विन मास की शुरुआत होती है. परम्परा है कि आश्विन मास के कृष्ण पक्ष…

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रूपकुंड के रहस्य से जुड़ी मां भगवती की कहानी

कन्नौज के राजा और उसके राज्य पर देवी भगवती का कोप था. अच्छा धान बोने पर सोला उगता. लोग जब…

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अल्मोड़ा में नंदा देवी के डोले की तस्वीरें

कल अल्मोड़ा में नंदा देवी के डोले की तस्वीरें, नंदा देवी मंदिर से शुरू होकर लाला बाज़ार, ड्योडी पोखर, कचहरी…

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जब ‘सुल्ताना डाकू’ पर भरोसा कर हल्द्वानी के लाला ने उसे अपनी तिजोरी की चाबी दे दी

कहा जाता है कि पुराने जमाने में भाबर के इस इलाके में डकैतों के भी अड्डे हुआ करते थे. सुल्ताना…

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आज है लोकपर्व ‘खतड़ुवा’: मान्यता और मिथक

अमरकोश पढ़ी, इतिहास पन्ना पलटीं,खतड़सिंग नि मिल,गैड़ नि मिल.कथ्यार पुछिन, पुछ्यार पुछिन, गणत करै,जागर लगै,बैसि भैट्य़ुं, रमौल सुणों,भारत सुणों,खतड़सिंग नि…

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